चमोली| माणा कैंप के पास शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे हिमस्खलन हो गया. इस दौरान वहां निर्माण कार्य में लगे 57 मजदूर बर्फ में दब गए. रेस्क्यू अभियान जारी है. चमोली में हिमस्खलन की घटना ने साल 2021 में चमोली के रैणी में ग्लेशियर टूटने से आई आपदा की याद दिला दी. तब ग्लेशियर टूटने से ऋषिगंगा में बाढ़ के कारण 206 लोगों की मौत हो गई थी. वहीं, कई अब भी लापता है.
बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रुद्रनाथ, लाल माटी, नंदा घुंघटी, औली, गोरसों के साथ ही नीती और माणा घाटियों में तीन दिन से बर्फबारी हो रही है. जिससे ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फ जमा हो गई है.
चमोली में हिमस्खलन को लेकर अब सीएम धामी ने मोर्चा संभाल लिया है. सीएम अचानक देहरादून में आपदा परिचालन केंद्र पहुंचे और अधिकारियों से हिमस्खलन की घटना की जानकारी ली.
क्षेत्र में मौसम खराब होने के चलते संचार सेवा ठप पड़ी है. चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि एयर फोर्स से मदद मांगी जा रही है. सेना, आईटीबीपी रेस्क्यू में लगी है. एनडीआरएफ की टीम को भी मूव कर दिया गया है.