लखनऊ| कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की भगवान राम से तुलना करने के अगले ही दिन पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने अपने बयान को लेकर सफाई दी. उन्होंने मंगलवार को कहा, ‘ईश्वर से किसी की तुलना नहीं की जा सकती, लेकिन मैं उन लोगों की सराहना करता हूं जो भगवान के रास्ते पर चलते हैं. अगर कोई अच्छे काम के लिए तपस्या करता है, अगर हम किसी के व्यवहार में ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ देखते हैं, तो क्या हम उसकी प्रशंसा नहीं कर सकते?’
दरअसल, मुरादाबाद सर्किट हाउस में सोमवार को पहुंचे सलमान खुर्शीद ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की क्षमता को असीमित बताते हुए उन्हें न केवल ‘योगी’ और ‘सुपर ह्यूमन’ कहा, बल्कि उनकी तुलना भगवान राम से करते हुए कहा कि कांग्रेसी उनकी खड़ाऊ लेकर चल रहे हैं.
राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के उत्तर प्रदेश में व्यापक रूप से न आने के सवाल पर खुर्शीद ने कहा था, ‘भगवान राम हर जगह नहीं जा सकते, जबकि उनकी खड़ाऊ बहुत दूर तक जाती है. उनकी खड़ाऊ लेकर हम (कांग्रेसी) चल रहे हैं. खड़ाऊ उत्तर प्रदेश आ चुकी है, तो राम जी भी आ ही जाएंगे.’ खुर्शीद ने कहा, “राहुल गांधी एक ‘योगी’ की तरह तपस्या कर रहे हैं. राहुल गांधी की क्षमता सीमित नहीं है. वह ‘सुपर ह्यूमन’ हैं. कड़ाके की सर्दी में टीशर्ट पहने निकलते हैं और कहते हैं कि तपस्या कर रहा हूं.”
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने मंगलवार को कांग्रेस नेता के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सलमान खुर्शीद साहब के बयान को ‘चारण संस्कृति’ के अलावा और कुछ नहीं कहा जा सकता है. मध्ययुगीन, विशेषकर राजपूताने में राजाओं के दरबारों में उनकी वीरता आदि का गुणगान करने वाली जाति को ‘चारण’ कहा जाता है.