राज्यसभा ने शुक्रवार तड़के मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की पुष्टि करने वाले एक सांविधिक प्रस्ताव को मंजूरी दी। सदन में विभिन्न दलों के सदस्यों ने इस निर्णय का समर्थन किया, हालांकि विपक्ष ने सरकार पर राज्य में हिंसा रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया।
गृह मंत्री अमित शाह ने चर्चा के दौरान बताया कि मणिपुर में दो समुदायों के बीच दो बैठकें हो चुकी हैं, और जल्द ही नई दिल्ली में तीसरी बैठक होने की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। शाह के अनुसार, मणिपुर में हिंसा के कारण 260 लोगों की मृत्यु हुई, जिनमें से अधिकांश की मौत पहले सप्ताह में हुई थी।
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर मणिपुर में कानून और व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वे जल्द से जल्द मणिपुर का दौरा करें और स्थिति को नियंत्रित करें।
गौरतलब है कि 13 फरवरी को राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था, जो पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के 9 फरवरी को इस्तीफा देने के बाद आया। शाह ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बाद किसी भी पार्टी ने सरकार बनाने का दावा नहीं किया, जिसके परिणामस्वरूप राष्ट्रपति शासन लागू किया गया।
सरकार ने यह भी जानकारी दी कि नवंबर 2024 से मणिपुर में कोई नई हिंसा की घटना नहीं हुई है, और स्थिति नियंत्रण में है।