अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने हाल ही में टीकाकरण कार्यक्रमों के लिए आवंटित 12 अरब डॉलर की फंडिंग में कटौती करने का निर्णय लिया है। यह कदम प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय बजट को संतुलित करने और स्वास्थ्य खर्चों में कमी लाने की कोशिशों के तहत उठाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से देशभर में चल रहे टीकाकरण अभियानों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे संक्रामक बीमारियों की रोकथाम में मुश्किलें आ सकती हैं।
प्रशासन का कहना है कि यह कदम आवश्यक था ताकि अन्य प्राथमिकताओं के लिए संसाधन जुटाए जा सकें, लेकिन इस फैसले की आलोचना भी की जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि टीकाकरण कार्यक्रमों के लिए फंडिंग में कटौती से सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली कमजोर हो सकती है और नागरिकों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
विपक्षी दलों ने भी इस कदम की आलोचना करते हुए प्रशासन से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि टीकाकरण को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, ताकि देशभर में संक्रामक रोगों से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।