सात महीने के लॉकडाउन के बाद स्कूलों में पढ़ाई हुई शुरू, 10वीं-12वीं के स्टूडेंट्स को अनुमति

उत्तराखंड| सोमवार को सात महीने के लॉकडाउन के बाद प्रदेश के स्कूल खुल गए हैं. प्रथम चरण में माध्यमिक स्कूलों में केवल कक्षा 10 और 12 वीं के छात्रों को आने की अनुमति होगी. केवल वे ही छात्र स्कूल आ सकते हैं, जिनके अभिभावक उन्हें मंजूरी देंगे.

सर्दियों के समय के अनुसार सुबह 9.15 बजे सभी स्कूल खुल गए हैं. शिक्षा सचिव आर. मीनाक्षीसुंदरम ने शिक्षा निदेशक और सभी नोडल अफसरों को व्यवस्था पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं.

कोरेाना संक्रमण की शुरूआत पर 14 मार्च से राज्य के सभी शैक्षिक संस्थानों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था. 231 दिन बंद रहने के बाद सोमवार से स्कूल खोलने का पहला चरण शुरू होने जा रहा है.

शिक्षा सचिव ने बताया कि स्कूल संचालन के लिए विस्तृत एसओपी जारी की जा चुकी है. हर स्कूल का प्रधानाचार्य नोडल अधिकारी बनाया गया है. नोडल अधिकारी कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए तय मानकों के पालन के लिए जिम्मेदार होंगे.

उत्तराखंड के स्कूलों की खास बातें-

10 और 12 वीं कक्षा के छात्र ही आ सकेंगे कल से स्कूल.
06 लाख से ज्यादा छात्र कर रहे हैं माध्यमिक स्तर पर अध्ययन.
3791 माध्यमिक स्कूल हैं राज्य में सरकारी, प्राइवेट और सहायता प्राप्त.

डॉ. मुकुल कुमार सती, एडी-कुमाऊं ने बताया कुमाऊं मंडल के 996 माध्यमिक स्कूलों में स्वच्छता और सेनेटाइजेशन कराया जा चुका है. प्रधानाचार्य और शिक्षकों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम के मानकों को सख्ती से पालन करने और कराने के निर्देश दिए गए हैं.

महावीर सिंह बिष्ट, एडी-गढ़वाल ने बताया गढ़वाल मंडल में माध्यमिक स्तर के 1317 स्कूल हैं. सभी स्कूलों को सेनेटाइज कराया जा चुका है. सभी जिलों से स्कूलों का अपडेट लिया जा रहा है. सभी को निर्देश दिए गए है कि एसओपी का कड़ाई से पालन किया जाए.

शनिवार देर रात से केंद्र सरकार के कुछ आदेशों के हवाले से स्कूलों के 30 नवंबर तक बंद रहने की अफवाहें भी फैल गई थी. सोशल मीडिया पर इस प्रकार की खबरे प्रसारित होते के बाद शिक्षा विभाग में खासा असमंजस पैदा हो गया.

सुबह शिक्षा सचिव आर. मीनाक्षीसुंदरम ने इस अफवाहों का खंडन कर दिया था, लेकिन चर्चाओं का दौर थमा नहीं. दोपहर दून विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आगे आकर इन अफवाहों को ब्रेक लगाया.

सीएम ने मीडिया को बताया कि स्कूल दो नवंबर से खुलने जा रहे हैं. पहले चरण में केवल बोर्ड परीक्षा वाली 10 और 12 वीं कक्षाएं ही शुरू करने का निर्णय किया गया है. स्कूल खोलने के लिए कैबिनेट में निर्णय किया गया है.

स्कूल खुलने पर कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार ने काफी पहले ही विस्तृत एसओपी जारी कर दी है. एसओपी के मानक के अनुसार ही स्कूलों का संचालन होगा. सीएम का बयान आने के बाद ही स्कूलों के न खुलने की अफवाहों पर विराम लगा.

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