पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, 15 से 18 साल की आयु के बच्चों के लिए 3 जनवरी से होगा वैक्सीनेशन शुरू

पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में देश को क्रिसमस की बधाई दी. पीएम मोदी ने कहा कि पैनिक न करें, ये समय सचेत रहने का है. पीएम मोदी बोले आज पूरी दुनिया में ओमिक्रोन का संक्रमण बढ़ रहा है. ऐसे में मास्क का उपयोग करें और हाथों को थोड़ी-थोड़ी देर पर धुलना हमें भूलना नहीं है.

पीएम मोदी ने देश के नाम संबोधन में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 15 से 18 साल की आयु के बच्चों के लिए देश में वैक्सीनेशन शुरू होगा, 3 जनवरी से इसकी शुरुआत होगी. पीएम मोदी ने बूस्टर डोज की शुरुआत का ऐलान भी किया. देश में बूस्टर डोज की शुरुआत 10 जनवरी से होगी, जिसमें 60 वर्ष से ऊपर के लोगों और हेल्थ कर्मियों को बूस्टर डोज लगेगी.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने इस साल 16 जनवरी से अपने नागरिकों को वैक्सीन देना शुरू कर दिया था. ये देश के सभी नागरिकों का सामूहिक प्रयास और सामूहिक इच्छाशक्ति है कि आज भारत 141 करोड़ वैक्सीन डोज के अभूतपूर्व और बहुत मुश्किल लक्ष्य को पार कर चुका है. पीएम मोदी ने कहा कि देश में इलाज की पर्याप्त व्यवस्था है. उन्होंने कहा कि 1 लाख 40 हजार आईसीयू बेड की व्यवस्था की गई है.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की वयस्क जनता में से 61 फीसदी को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है. वहीं इस एज ग्रुप के 90 फीसदी लोगों को वैक्सीन की एक डोज लगाई जा चुकी है. उन्होंने कहा कि नियमों का पालन ही इस समस्या से हमें बचा सकता है. पीएम मोदी ने कहा कि सुदूर गांवों से जब शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन की खबरें आती हैं तो हमें गर्व महसूस होता है.

पीएम मोदी ने कहा कि वैक्सीन पर देश एक्शन मोड में है. देश में 141 करोड़ डोज लगाई जा चुकी हैं. स्वास्थ्यकर्मियों ने बेहतरीन काम किया है. पीएम मोदी ने कहा कि ओमिक्रोन की चर्चा बेहद तेजी चल रही है. भारत के वैज्ञानिक इस पर पूरी बारीकी से नजर रखे हुए और काम कर रहे हैं. ऐसे में कुछ अहम ऐलान हैं जो बेहद जरूरी हैं.

बड़े ऐलान

पीएम मोदी ने ऐलान किया कि 15-18 साल की आयु के बच्चों के लिए देश में वैक्सीनेशन शुरू हो रहा है. 3 जनवरी से इसकी शुरुआत होगी.
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे फ्रंटलाइन वॉरियर्स ने महामारी के खिलाफ लड़ाई में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है. इस प्रकार सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि हम 10 जनवरी 2022 से स्वास्थ्य कर्मियों के लिए एहतियाती खुराक (बूस्टर डोज) की शुरुआत करेंगे.
60 वर्ष से ऊपर की आयु के कॉ-मॉरबिडिटी वाले नागरिकों को, डॉक्टर की सलाह पर वैक्सीन की बूस्टर डोज का विकल्प उनके लिए भी उपलब्ध होगा.

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