इंतजार खत्म! आज से खुलेगा एलआईसी का आईपीओ, निवेश से पहले जान ले ये अहम बातें

निवेशकों को आज के दिन का लंबे समय से इंतजार था, क्योंकि आज देश का सबसे बड़ा आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) खुला है. 4 मई 2022 को भारतीय जीवन बीमा निगम का आईपीओ खुल गया है. इस आईपीओ के जरिए सरकार कंपनी में अपनी 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी और करीब 21000 करोड़ रुपये जुटाएगी. निवेशकों के लिए यह आईपीओ 9 मई 2022 तक खुला रहेगा.

कम से कम कितना करना होगा निवेश?
अगर आप अब तक यह नहीं जानते हैं कि इस आईपीओ में आपको कितने पैसे लगाने होंगे, तो बता दें कि इसका प्राइस बैंक 902 रुपये से 949 रुपये है. एलआईसी आईपीओ का लॉट साइज 15 शेयरों का है. यानी एक निवेशक को आईपीओ में कम से कम 13,530 रुपये (902 रुपये x 15 शेयर) लगाने होंगे.कंपनी ने एक निवेशक के लिए निवेश की सीमा दो लाख रुपये तय की है. निवेशक ज्यादा से ज्यादा 14 लॉट्स के लिए अप्लाई कर सकते हैं. यानी आप कुल 210 शेयरों (15 शेयर x 14 लॉट) के लिए पैसे लगा सकते हैं.

पॉलिसी होल्डर्स और कर्मचारियों को मिल रही है छूट
रिटेल निवेशकों के लिए आईपीओ खुलने से पहले एलआईसी ने अपने पॉलिसी होल्डर्स को एसएमएस के जरिए शेयर बिक्री के बारे में जानकारी भी दी. मालूम हो कि एलआईसी के पॉलिसी होल्डर्स को आईपीओ में डिस्काउंट भी मिल रहा है. मौजूदा पॉलिसी होल्डर्स और एलआईसी के कर्मचारियों के लिए कुछ शेयर भी रिजर्व किए गए हैं. कर्मचारियों को एक शेयर में 45 रुपये और पॉलिसी होल्डर्स को एक शेयर पर 60 रुपये की छूट दी जा रही है.

आईपीओ से जुड़ी अहम बातें-
आईपीओ के दौरान बिक्री के लिए 22.13 करोड़ इक्विटी शेयरों की पेशकश की जा रही है.
एलआईसी के शेयर 17 मई 2022 को शेयर बाजार में लिस्ट हो सकते हैं.
पहले एलआईसी ने एंकर निवेशकों से 5,627 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं.
एंकर निवेशकों के लिए 949 रुपये पर 5.92 करोड़ शेयर आरक्षित रखे गए थे.
10 फीसदी शेयर पॉलिसी होल्डर्स और 5 फीसदी शेयर कर्मचारियों के लिए रिजर्व हैं.
रूस- यूक्रेन युद्ध से शेयर बाजार में मची उथल- पुथल की वजह से एलआईसी के आईपीओ में देरी हुई.

मालूम हो कि एलआईसी 66 साल पुरानी कंपनी है, जिसकी 280 मिलियन से ज्यादा पॉलिसियां हैं. साल 2020 में यह बीमा प्रीमियम कलेक्शन के मामले में पांचवीं सबसे बड़ी ग्लोबल बीमाकर्ता थी.

मुख्य समाचार

पीएम मोदी ने स्टालिन सरकार पर साधा निशाना, ‘तमिल भाषा पर गर्व तो हस्ताक्षर अंग्रेजी में क्यों!

प्रधानमंत्री मंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के रामेश्वरम में...

Topics

More

    Related Articles