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तेजस्वी यादव-मीसा भारती समेत 6 के खिलाफ एफआईआर के आदेश, जानें कारण

पटना की एक अदालत ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और मीसा भारती सहित 6 लोगों के खिलाफ 2019 के चुनावों के दौरान लोकसभा टिकट के लिए कथित तौर पर 5 करोड़ रुपए लेने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है.

एफआईआर का आदेश कांग्रेस नेता संजीव कुमार सिंह की शिकायत पर दिया गया है, जिन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें 5 करोड़ रुपए का भुगतान करने के लिए कहा गया था और भागलपुर से लोकसभा टिकट का वादा किया गया था.

शिकायत में बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौर और दिवंगत कांग्रेस नेता सदानंद सिंह के बेटे शुभानंद मुकेश का भी जिक्र है.

संजीव कुमार सिंह ने इस साल 18 अगस्त को पटना सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दायर कर दावा किया था कि 15 जनवरी 2019 को तेजस्वी यादव, मीसा भारती, मदन मोहन झा, सदानंद सिंह और राजेश राठौर ने कथित तौर पर उनसे 5 करोड़ रुपए लिए थे और उन्हें भागलपुर से लोकसभा टिकट देने का वादा किया था.

कांग्रेस नेता ने अपनी शिकायत में आगे आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर उन्हें आश्वासन दिया गया था कि उन्हें 2020 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन से टिकट मिलेगा, लेकिन विधानसभा चुनाव में भी उन्हें टिकट नहीं मिला. मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विजय किशोर सिंह ने 16 सितंबर को पटना के एसएसपी उपेंद्र शर्मा को सभी आरोपियों के खिलाफ कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया.

हालांकि, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने तेजस्वी यादव और मीसा भारती पर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया है. आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि जिस व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि महागठबंधन के नेताओं को 5 करोड़ रुपए दिए गए थे, वह मानसिक रूप से अस्थिर है. शिकायतकर्ता महागठबंधन नेताओं के खिलाफ निराधार उत्सव का आयोजन करके सस्ती लोकप्रियता हासिल करना चाहता है.

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