हरिद्वार: कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर सीएम ने ली अधिकारियों की समीक्षा बैठक, दिए ये निर्देश

सीएम रावत ने मेला नियंत्रण कक्ष, हरिद्वार में स्वच्छ, सुरक्षित, हरित और भव्य, दिव्य हरिद्वार कुम्भ 2021 के आयोजन के संबंध में समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि कुम्भ के कार्य हर हाल में समय पर पूर्णं कर लिये जाएं, यदि आवश्यकता पड़े तो कार्य में लेबर की संख्या बढाई जाए और शिफ्ट की संख्या भी बढ़ा ली जाए.

लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि कुम्भ क्षेत्र के मठ, मन्दिर, आश्रम, धर्मशाल, अखाड़ा और पेशवाई मार्ग को दुरूस्त कर लिया जाए. इसके साथ ही मंशा देवी और चण्डी देवी मार्ग का सुदढ़ीकरण कर लिया जाए. कुम्भ क्षेत्र के साज-सज्जा और सौंदर्यीकरण के कार्य कुम्भ श्रद्धालुओं का स्वागत करेगा.

कुम्भ कार्यों में पारदर्शिता और ईमानदारी बनाएं रखने को गम्भीरता से लेने को कहा तथा कहा कि कुम्भ के बाद और कुम्भ के दौरान किसी प्रकार के प्रश्न चिह्न उठने की सम्भावना को समाप्त करें.

बैठक में नगर विकास मंत्री मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव लोक निर्माण आर.के. सुधांशु, सचिव पेयजल नितेश झा, सचिव नगर विकास शैलेश बगौली, सचिव स्वास्थ्य पंकज पांडेय, मेला अधिकारी दीपक रावत, आई. जी. कुम्भ संजय गुंज्याल, डीएम सी. रविशंकर, एसएसपी कुम्भ जनमेजय खण्डूडी, लोक निर्माण, पेयजल, स्वास्थ सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद थे.

सीएम ने कुम्भ मेले की बैठक के उपरांत यूपीसीएल के 33/11 के.वी. उपसंस्थान जगजीतपुर/ललतारौ का लोकार्पण किया. कुम्भ मेला-2021 के अन्तर्गत हरिद्वार क्षेत्र में अस्थायी सैक्टरों एवं पार्किंग में कुम्भ की विद्युत मांग को देखते हुए तथा वर्तमान उपसंस्थानों का बेहतर लोड मैनेजमेंट करने के लिये 2 नये उपसंस्थान ललतारों एवं जगजीतपुर में बनाये गये हैं.

कुम्भ मेला-2021 में प्रस्तावित कनखल, बैरागी कैम्प सेक्टरों को विद्युत आपूर्ति के लिये आवश्यक अस्थायी विद्युत नेटवर्क की विद्युत आपूर्ति करने वाले उपसंस्थानों बैरागी कैम्प एवं कनखल-प्प् का लोड कम करने के लिये प्रस्तावित जगजीतपुर उपसंस्थान का निर्माण किया गया है.

इससे कुम्भ मेला-2021 में प्रस्तावित रोडीवाला, बेलवाला एवं हर की पैडी सेक्टरों में आवश्यक अस्थायी विद्युत नेटवर्क को विद्युत आपूर्ति करने वाले उपसंस्थानों लालजीवाला एवं मायापुर का लोड कम करने के लिये एवं बेहतर विद्युत आपूर्ति होगी.

यह उपसंस्थान 2 अलग-अलग 132 के.वी. उपसंस्थानों भूपतवाला एवं ज्वालापुर से निकलने वाले 33 के.वी. फीडरों से पोषित होगा, इस प्रकार अलग-अलग सोर्स से कनेक्टिविटी बनी रहेगी. साथ ही लगभग 4000 वर्तमान निवासरत विद्युत उपभोक्ता इस उपसंस्थान से लाभान्वित होंगे.

यह उपसंस्थान प्री-फेब्रिकेटेड पावर डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर आधुनिक तकनीक पर आधारित है. यह आधुनिक क्षमता का तकनीक पर आधारित देवभूमि उत्तराखण्ड के कुम्भ क्षेत्र हरिद्वार में पहला उपसंस्थान है.

मुख्य समाचार

कैबिनेट की मंजूरी: वित्त वर्ष 2024-29 तक लागू होगा ‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-2’

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 'वाइब्रेंट विलेजेज...

आंध्र सचिवालय में भीषण आग, पवन कल्याण के कार्यालय वाले ब्लॉक में मचा हड़कंप

अमरावती: आंध्र प्रदेश के अमरावती स्थित सचिवालय में उस...

PM मोदी की 21 सूत्रीय कार्ययोजना से मजबूत होंगे BIMSTEC संबंध, UPI और IT सेक्टर पर ज़ोर

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BIMSTEC सहयोग को...

Topics

More

    कैबिनेट की मंजूरी: वित्त वर्ष 2024-29 तक लागू होगा ‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-2’

    नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 'वाइब्रेंट विलेजेज...

    PM मोदी की 21 सूत्रीय कार्ययोजना से मजबूत होंगे BIMSTEC संबंध, UPI और IT सेक्टर पर ज़ोर

    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BIMSTEC सहयोग को...

    Related Articles