आज हम आपसे उत्तर प्रदेश में योगी सरकार और भाजपा के जुड़े शीर्ष नेताओं की बेचैनी की चर्चा करेंगे. यूपी के भाजपा नेताओं में मची उथल-पुथल जानने के लिए हम आपको 4 दिन पहले उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ लिए चलते हैं.
जी हां तारीख 14 जनवरी, दिन गुरुवार समय बहुत ही शुभ मुहूर्त यानी मकर संक्रांति (खिचड़ी का पर्व) प्रदेश में बहुत धूमधाम के साथ मनाया जा रहा था. सीएम योगी आदित्यनाथ अपने होम डिस्ट्रिक्ट गोरखपुर में खिचड़ी आयोजन में गए हुए थे.
दोपहर का समय था उसी दौरान लखनऊ में योगी सरकार के मंत्रियों और भाजपा के दिग्गज नेताओं में एक अजीब हलचल शुरू हो जाती है, क्योंकि उस दिन यूपी की राजनीति में ‘मोदी मैन या मोदी वाले शर्मा जी’ की धमाकेदार एंट्री हो रही थी. लखनऊ के प्रदेश भाजपा कार्यालय में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के आदेश का पालन कर अरविंद कुमार शर्मा को भाजपा की सदस्यता ग्रहण कराई.
इसके बाद मोदी मैन शर्मा जी की जिम्मेदारी और कद को लेकर भाजपाइयों में कयासों का दौर जो शुरू हुआ वह थमने का नाम नहीं ले रहा है । गोरखपुर से लौटने के बाद 15 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस की ।
इस दौरान मौजूद वहां पत्रकारों ने जब मुख्यमंत्री से पूछा कि मोदी मैन शर्मा जी को उत्तर प्रदेश में क्या जिम्मेदारी मिलेगी, उस पर योगी भी खुलकर नहीं बोल पाए हां इशारों में जरूर उन्होंने संकेत दिए उनको कोई बड़ी जिम्मेदारी ही मिलेगी ।
इसके बाद लखनऊ के सियासी गलियारों में कई प्रकार की चर्चाओं को बल मिलना शुरू हो जाता है, कोई कह रहा है कि दिनेश शर्मा को उप मुख्यमंत्री के पद से हटाकर एके शर्मा को जिम्मेदारी दी जाएगी वहीं कुछ कयास लगाते हैं कि गृह मंत्रालय या वित्त मंत्रालय भी दिया जा सकता है, यही नहीं यह भी अटकलें हैं कि अगले वर्ष प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए शर्मा जी को महत्वपूर्ण और बड़ी जिम्मेदारी भी मिल सकती है.
शंभू नाथ गौतम, वरिष्ठ पत्रकार