अमेरिकी प्रशासन ने हाल ही में 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय छात्रों के वीज़ा रद्द कर दिए हैं। इन छात्रों के वीज़ा का रद्द होना, खासकर उन छात्रों के लिए चिंता का कारण बना है जो अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आए थे। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि छात्रों का वीज़ा रद्द करने का कारण उनके सोशल मीडिया पोस्ट्स हैं, जिनमें उन्होंने हमास और अन्य चरमपंथी समूहों का समर्थन किया था।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई उस समय की जा रही है जब देश भर में गाजा युद्ध के संबंध में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इसके अलावा, प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में और भी छात्रों के वीज़ा रद्द हो सकते हैं। इस कदम ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के बीच असुरक्षा और भय का माहौल पैदा कर दिया है।
कई विश्वविद्यालयों ने प्रशासन के इस कदम की आलोचना की है और इसके खिलाफ कानूनी चुनौती देने की योजना बनाई है। यह विवाद उन छात्रों की शैक्षिक यात्रा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है जो अमेरिका में शिक्षा प्राप्त करने के लिए आए थे।