उत्तराखंड: शीतकाल के लिए आज बंद होंगे तुंगनाथ मंदिर के कपाट

पंच केदार में तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ मंदिर के कपाट आज शीतकाल के लिए पारंपरिक विधि विधान के साथ बंद कर दिए जाएंगे.

इससे संबंधित तैयारियां शुरू कर दी हैं. सुबह 9 बजे से तुंगनाथ मंदिर के कपाट बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो गयी थी. इस दौरान मैठाणी ब्राह्मणों द्वारा मठापति राम प्रसाद मैठाणी के हाथों मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद करने के संकल्प के साथ ही विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी.
 
दोपहर 12 बजे भगवान तुंगनाथ की भोग मूर्ति को चल विग्रह डोली में विराजमान करते हुए गर्भगृह से मंदिर परिसर में लाया जाएगा. यहां पर परंपरानुसार सभी धार्मिक अनुष्ठान की औपचारिकताओं का निर्वहन किया जाएगा। दोपहर 1 बजे कपाट बंद कर दिए जाएंगे.

चोपता, भनकुन होते हुए 1 नवंबर को डोली शीतकालीन गद्दीस्थल मार्कण्डेय मंदिर मक्मूमठ में विराजमान हो जाएगी. ग्राम प्रधान विजयपाल सिंह नेगी ने बताया कि वर्षाें बाद बाबा तुंगनाथ की डोली के शीतकालीन गद्दीस्थल आगमन पर महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. महोत्सव के शुभारंभ के लिए बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को आमंत्रित किया गया है.

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