अमेरिकी प्रशासन ने भारत से आयातित वस्तुओं पर लगाए जाने वाले टैरिफ को 27% से घटाकर 26% कर दिया है। यह संशोधन व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक अद्यतन दस्तावेज़ में सामने आया, जिसमें पहले भारत पर 27% शुल्क लागू करने की बात कही गई थी। यह टैरिफ 9 अप्रैल से प्रभावी होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस 1% की कटौती का व्यावसायिक प्रभाव सीमित होगा, लेकिन यह अमेरिका-भारत व्यापार वार्ताओं में सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा सकता है। भारत सरकार ने इन टैरिफ के प्रभाव का अध्ययन करने और व्यापार वार्ताओं को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई है।
इसके अतिरिक्त, अमेरिकी टैरिफ में इस संशोधन से भारतीय शेयर बाजारों में मामूली गिरावट देखी गई, लेकिन अन्य एशियाई बाजारों की तुलना में भारतीय बाजार अपेक्षाकृत स्थिर रहे। विशेष रूप से आईटी क्षेत्र में गिरावट दर्ज की गई, जबकि फार्मा कंपनियों के शेयरों में वृद्धि हुई, क्योंकि उन्हें इन टैरिफ से छूट दी गई है।
अमेरिका द्वारा अन्य देशों, जैसे चीन, वियतनाम, थाईलैंड, और बांग्लादेश पर उच्चतर टैरिफ लगाए जाने से भारत को वैश्विक व्यापार में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिल सकता है, विशेषकर वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स, और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में।
कुल मिलाकर, यह टैरिफ संशोधन अमेरिका-भारत व्यापार संबंधों में एक महत्वपूर्ण विकास है, जो दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ताओं और आर्थिक सहयोग को प्रभावित कर सकता है।