संसद ने वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 को पारित कर दिया है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामाजिक न्याय और पारदर्शिता की दिशा में एक “ऐतिहासिक क्षण” बताया। यह विधेयक पहले लोकसभा में पारित हुआ और फिर 3 अप्रैल 2025 को राज्यसभा में भी 128 मतों के समर्थन और 95 के विरोध के साथ मंजूरी मिल गई।
इस विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता लाना है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह कानून उन लोगों के लिए न्याय का द्वार खोलेगा जो वर्षों से हाशिए पर थे और जिन्हें आवाज और अधिकार नहीं मिले। उन्होंने इसे ‘समावेशी विकास’ की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया।
हालांकि विपक्षी दलों और कुछ मुस्लिम संगठनों ने इस विधेयक का विरोध किया है। उनका कहना है कि यह कानून अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों का हनन करता है और वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता पर प्रभाव डाल सकता है।
अब यह विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। यदि मंजूरी मिलती है, तो यह विधेयक कानून बनकर लागू हो जाएगा और वक्फ से संबंधित प्रावधानों में बड़ा बदलाव लाएगा।