दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अनुसार, उत्तर कोरिया ने इस वर्ष रूस में अतिरिक्त 3,000 सैनिक भेजे हैं। यह सैनिक नवंबर और फरवरी के बीच भेजे गए थे, जिससे रूस की यूक्रेन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में सहायता मिल रही है।
इसके अलावा, उत्तर कोरिया ने रूस को लंबी दूरी की लगभग 200 तोपें, मिसाइलें, तोपखाने उपकरण और पर्याप्त मात्रा में गोला-बारूद भी भेजे हैं। यह सैन्य सहायता रूस की यूक्रेन के खिलाफ सैन्य अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इन सैन्य सहायता के बदले, उत्तर कोरिया को रूस से तकनीकी सहायता, विशेष रूप से परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों और अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों की वायुमंडलीय पुन: प्रवेश तकनीक में सहायता मिल सकती है।
हाल ही में, रूस के सुरक्षा परिषद सचिव सर्गेई शोइगु उत्तर कोरिया की यात्रा पर प्योंगयांग पहुंचे हैं, जहां उन्होंने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से मुलाकात की। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सैन्य और तकनीकी सहयोग को और बढ़ाना बताया जा रहा है।
यह घटनाक्रम दर्शाता है कि उत्तर कोरिया और रूस के बीच सैन्य और तकनीकी सहयोग गहरा रहा है, जो यूक्रेन युद्ध में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत कर रहा है।