म्यांमार में 28 मार्च 2025 को आए 7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद, जिसमें 3,000 से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई और हजारों घायल हुए, देश की सैन्य सरकार ने 2 अप्रैल से 22 अप्रैल तक के लिए अस्थायी युद्धविराम की घोषणा की है। इसका उद्देश्य राहत और बचाव कार्यों में सहायता करना है।
हालांकि, राहत कार्यों में कई चुनौतियाँ बनी हुई हैं। देश के कुछ हिस्सों में चल रहे संघर्ष और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के कारण कई क्षेत्रों तक सहायता पहुँचाना कठिन हो रहा है। अंतर्राष्ट्रीय सहायता संगठनों ने भी स्वतंत्र रूप से प्रभावित क्षेत्रों तक पहुँच की अनुमति मांगी है, ताकि वे सीधे प्रभावित लोगों तक मदद पहुँचा सकें।
इस बीच, म्यांमार के सैन्य नेता मिन आंग हलैंग एक क्षेत्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए बैंकॉक रवाना हुए हैं। यह उनकी 2021 के बाद पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा है, जो भूकंप के मद्देनजर आलोचना का विषय बनी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस आपदा से पहले से ही संघर्षरत म्यांमार में मानवीय संकट और गहरा सकता है। राहत प्रयासों की सफलता इस पर निर्भर करेगी कि क्या सभी पक्ष वास्तव में युद्धविराम का पालन करते हैं और सहायता संगठनों को निर्बाध रूप से काम करने देते हैं।