भारत अमेरिका से होने वाले $23 अरब के आयात पर शुल्क में कटौती करने पर विचार कर रहा है, ताकि आगामी प्रतिकूल शुल्कों से अपने $66 अरब के निर्यात की रक्षा की जा सके। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा घोषित वैश्विक शुल्कों के प्रभाव को कम करने के लिए उठाया जा रहा है, जो 2 अप्रैल से लागू होने वाले हैं।Reuters
भारत की आंतरिक विश्लेषण के अनुसार, ये प्रतिकूल शुल्क $66 अरब के निर्यात का 87% प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए, भारत अमेरिका से आयातित वस्तुओं पर वर्तमान 5% से 30% तक के शुल्कों में से आधे से अधिक पर कटौती करने के लिए तैयार है। यह प्रस्तावित कटौती वर्षों में सबसे बड़ी होगी, जो दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को संतुलित करने के उद्देश्य से है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फरवरी में हुई अमेरिका यात्रा के दौरान व्यापार वार्ता शुरू हुई थी, और अब दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए वार्ता जारी है। भारत की यह पहल अमेरिका के साथ व्यापार संबंधों में संतुलन स्थापित करने और आगामी शुल्कों के प्रभाव को कम करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।