जनरल इलेक्ट्रिक एयरोस्पेस (GE Aerospace) ने दो वर्षों की देरी के बाद तेजस Mk-1A कार्यक्रम के लिए पहला F404-IN20 इंजन भारतीय वायुसेना को सौंप दिया है। यह इंजन 25 मार्च 2025 को वितरित किया गया, जिससे इस स्वदेशी लड़ाकू विमान के उत्पादन में गति आने की उम्मीद है।
तेजस Mk-1A कार्यक्रम में GE के F404 इंजन की आपूर्ति में कई चुनौतियां सामने आई हैं। आपूर्ति श्रृंखला में अड़चनों के कारण, GE ने मार्च 2023 में इंजन की आपूर्ति शुरू करने का वादा किया था, लेकिन यह मार्च 2025 तक संभव नहीं हो पाया। इस देरी से हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई, जिससे भारतीय वायुसेना की लड़ाकू तत्परता पर प्रश्नचिन्ह उठे।
अब, GE ने 2025-26 वित्तीय वर्ष में 12 इंजन वितरित करने का वादा किया है, और 2026-27 से प्रति वर्ष 20 इंजन की आपूर्ति की योजना बनाई है। इससे तेजस Mk-1A के उत्पादन में तेजी आने की संभावना है, जो भारतीय वायुसेना की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होगा।
तेजस कार्यक्रम की सफलता भारत की रक्षा स्वावलंबन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, और GE की इंजन आपूर्ति में सुधार से इस कार्यक्रम की प्रगति में सहायता मिलेगी।