उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में हुए एक विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उपयोग व्यक्तिगत हमलों या देश में विभाजन बढ़ाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। यह विवाद तब शुरू हुआ जब कॉमेडियन कुणाल कामरा ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर एक व्यंग्यात्मक गीत प्रस्तुत किया, जिसमें उन्हें ‘गद्दार’ (देशद्रोही) कहा गया। इस प्रदर्शन के बाद शिवसेना पार्टी के समर्थकों ने मुंबई के हैबिटेट कॉमेडी क्लब में तोड़फोड़ की, जिसके कारण क्लब को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ लोग अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को अपने जन्मसिद्ध अधिकार के रूप में मानते हैं, जिसका उपयोग वे देश में और अधिक विभाजन फैलाने के लिए करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस स्वतंत्रता का दुरुपयोग व्यक्तिगत हमलों के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
कुणाल कामरा ने इस विवाद पर कहा है कि वह अपने बयान पर पछतावा नहीं करते और माफी नहीं मांगेंगे। उन्होंने कहा कि यदि अदालत आदेश देती है तो वह माफी मांगेंगे, लेकिन अन्यथा नहीं।
यह घटना भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और उसके दुरुपयोग के बीच संतुलन पर ongoing बहस को उजागर करती है।