देश की राजधानी दिल्ली में ऐसा दूसरी बार होगा जब गणतंत्र दिवस का आयोजन कोरोना की लहर के बीच में होगा. इस दौरान रक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने बताया कि पिछले साल परेड में शामिल होने वाले 25,000 लोगों की तुलना में इस बार 24,000 लोगों को इसे देखने की अनुमति होगी. हालांकि यह आम दर्शकों, गणमान्य व्यक्तियों, सरकारी अधिकारियों, बच्चों, एनसीसी कैडेटों, राजदूतों, सीनियर नौकरशाहों और राजनेताओं के बीच होगी.
सूत्रों के अनुसार लगभग 1.25 लाख लोग महामारी से पहले परेड में शामिल होते थे, जिसे पिछले साल 25,000 तक सीमित कर दिया गया था. ऐसे में अतिरिक्त सावधानी बरतने के लिए 24 हजार लोगों को ही शामिल किया गया है. इनमें से 5,200 सीटें आम दर्शकों के लिए हैं, बाकी बचे हुए 19,000 या तो मेहमानों को आमंत्रित किया जाएगा.
गौरतलब है कि पिछले साल की तरह, दर्शकों को दूर करने के नियमों को सुनिश्चित करने के लिए 6 फीट की दूरी पर बैठाया जाएगा, और मास्क अनिवार्य होगा. इस दौरान पूरे इलाके को सैनेटाइज से साफ किया जाएगा, और बैठने की जगह के लगभग सैनिटाइजर डिस्पेंसर भी लगाए जाने की संभावना है. साथ ही सभी सांस्कृतिक प्रतिभागियों और सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए वैक्सीन की डबल डोज अनिवार्य कर दिया गया है.इसके अलावा उन सभी का भी कोविड-19 के टेस्ट किया जाएगा.
वहीं, परंपरा के अनुसार, पोडियम पर केवल VVIP बैठे रहेंगे, जिसमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट शामिल होंगे.