चीन ने ताइवान के निकट व्यापक सैन्य अभ्यास शुरू किए हैं, जिसमें उसकी थलसेना, नौसेना, वायुसेना और रॉकेट बल शामिल हैं। इन अभ्यासों का मुख्य उद्देश्य ताइवान की स्वतंत्रता समर्थक ताकतों को कड़ी चेतावनी देना और प्रमुख क्षेत्रों में ‘नाकाबंदी और नियंत्रण’ जैसी क्षमताओं का परीक्षण करना है।
ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि चीनी युद्धपोत और विमान उसके वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) में प्रवेश कर गए, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। ताइवान ने इन कार्रवाइयों की निंदा की है और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं।
चीन की सरकार ताइवान को अपना अभिन्न अंग मानती है और बलपूर्वक उसे अपने नियंत्रण में लेने की धमकी देती रही है। हाल के वर्षों में, चीन ने ताइवान के आसपास सैन्य गतिविधियों को बढ़ाया है, जिसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा माना जा रहा है।
इन सैन्य अभ्यासों के परिणामस्वरूप, ताइवान जलडमरूमध्य और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है, क्योंकि यह क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।