नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को ‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-II’ को वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक लागू करने की मंजूरी दे दी है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत-चीन, भारत-पाकिस्तान और भारत-नेपाल सीमा से लगे दुर्गम गांवों का सर्वांगीण विकास करना है। इसके तहत 2,900 से अधिक गांवों को चिह्नित किया गया है, जो रणनीतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
इस कार्यक्रम के लिए केंद्र सरकार ने कुल ₹4,800 करोड़ के बजट को स्वीकृति दी है, जिसमें ₹2,500 करोड़ का आवंटन विशेष रूप से सड़क और कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी ढांचे के विकास के लिए किया गया है। ‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-II’ का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों को सुविधाएं देकर पलायन रोकना, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और राष्ट्र की सुरक्षा को मजबूत करना है।
ग्राम विकास के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, इंटरनेट कनेक्टिविटी, पर्यटन और टिकाऊ आजीविका के साधनों पर ध्यान दिया जाएगा। इससे न केवल सीमावर्ती गांवों की दशा में सुधार होगा, बल्कि यह देश की सुरक्षा व्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान करेगा।
यह योजना आत्मनिर्भर भारत और सीमावर्ती क्षेत्रों के समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।