‘उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही भारत के प्रधानमंत्री बनेंगे’…सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारे इस तरह की चर्चाओं से भरे हुए हैं. हालांकि, इस बारे में खुद सीएम योगी क्या बोलते हैं, आइये जानते हैं.
एक इंटरव्यू में सीएम योगी ने कहा कि ‘देखिए मैं उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री हूं. पार्टी ने मुझे उत्तर प्रदेश के लोगों की जिम्मेदारी सौंपी है. राजनीति मेरे लिए फुल टाइम जॉब नहीं है. मैं एक योगी हूं. मैं बस यहां काम कर रहा हूं. जब तक यहां हैं, तब तक हम काम कर रहे है और निश्चित बात है कि इसकी भी एक समय सीमा है.’
सड़क पर नमाज पढ़ने पर रोक लगाने वाले फैसले को सीएम योगी ने सही ठहराया. उन्होंने कहा कि लोगों को महाकुंभ में प्रयागराज आए लोगों से अनुशासन सीखना चाहिए. सड़के सिर्फ चलने के लिए होती हैं. और जो कह रहे हैं कि सड़क पर नमाज पढ़ना है तो उन्हें अनुशासन हिंदुओं से सीखना चाहिए. 66 करोड़ लोग महाकुंभ आए. कहीं भी लूटपाट, तोड़फोड़, आगजनी, छेड़छाड़, अपहरण नहीं हुए. ये धार्मिक अनुशासन है. लोग श्रद्धा से महाकुंभ आए. महास्नान में शामिल हुए और अपने आगे के सफर पर निकल गए. त्योहार-उत्सव या कोई भी ऐसे प्रसंग बदतमीजी का माध्यम नहीं बनने चाहिए. सुविधाएं चाहिए तो अनुशासन का पालन करना भी आना चाहिए. नहीं आता तो सीखिए.
क्या बुलडोजर एक्शन को सीएम योगी अपनी उपलब्धियों में से एक मानते हैं. इस सवाल का जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा कि ये कोई भी उपलब्धि नहीं हैं. ये तो उत्तर प्रदेश की जरूरत थी. उत्तर प्रदेश के लोगों की जरूरतों के हिसाब से जो भी सही लगा, मैंने वो किया. अगर कोई भी कहीं भी अतिक्रमण करता है तो उसे हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल होता है. मुझे लगता है कि हमने लोगों को बुलडोजर को अच्छे तरीके से इस्तेमाल करना सिखाया है.