यूपी की योगी सरकार के सोमवार (24 मार्च) को आठ साल पूरे हो गए. इस मौके पर सीएम योगी ने राजधानी लखनऊ में अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश किया. सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में सेवा, सुरक्षा और सुशासन के यूपी की डबल इंजन सरकार के आठ साल पूरे होने जा रहे हैं. सीएम योगी अपनी सरकार के आठ साल पूरे होने पर राज्य की जनता का भी आभार जताया.
सीएम योगी ने कहा कि 25, 26, 27 मार्च को प्रत्येक जिला मुख्यालय पर केंद्र की राज्य की डबल इंजन सरकार की ओर से समग्र विकास के क्षेत्रों में काम किया है चाहे वह किसानों के उत्थान के लिए हो, युवाओं के रोजगार के लिए हो, मातृशक्ति के स्वभावलंबन के लिए हो. हस्थशिल्पी कारीगरों के उत्थान के लिए हो, बेरोजगारों को रोजगार देने का इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का या परंपरागत उद्योगों को आगे बढ़ाने के लिए किए गए कार्यों का इन तीन दिनों को विकास उत्सव के रूप में मनाया जाएगा.
सीएम योगी ने कहा कि आप जानते हैं आठ वर्ष से पहले यूपी की पहचान क्या था. उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और राज्य का इंफ्रास्ट्रक्चर क्या था ये किसी से छुपा हुआ नहीं है. सीएम योगी ने कहा कि ये वही उत्तर प्रदेश है जिसके सामने पहचान का संकट था. ये वही उत्तर प्रदेश है जहां पर किसान आत्महत्या करता था युवा पहचान के लिए मोहताज था, बेटी और व्यापारी असुरक्षित थे, यहां दंगों के चलते अर्थव्यवस्था बिगड़ रही थी. सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने अराजकता को देखा और झेला है. लेकिन राज्य वहीं है तंत्र वही है लेकिन सरकार बदलने से राज्य में आज जो बदलाव हुआ है वो लोगों ने महसूस किया है.
सीएम योगी ने कहा कि इन सालों में बीजेपी और एनडीओ की ओर से जो योजनाएं बनाई गईं, उनको किस तरह से लागू किया गया है. ये अब देखने को मिल है. सीएम योगी ने कहा कि आठ साल पहले यूपी को बिमारू राज्य माना जाता था. देश के विकास का बैरियर माना जाता था. जिस उत्तर प्रदेश को आठ साल पहले केवल एक श्रम शक्ति के रूप में जानते थे आज वहीं उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है.
सीएम योगी ने कहा कि पहले यूपी में कृषि की धरती 5 फीसदी के आसपास थी जो अब 13 फीसदी हो गई है. सीएम योगी ने कहा कि एक साल में यूपी के खाद्यान में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. राज्य में पीएम किसान सम्मान निधि में 2.61 लाख से अधिक किसानों के खातों में 80 हजार करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए हैं. राज्य में सिंचाई की क्षमता में व्यापक बढ़ोतरी हुई है. जो योजनाएं कई सालों से लंबित पड़ी थीं. उन्हें शुरू किया गया.
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले राज्य में चीनी उद्योग बंद होने के कगार पर था, जिसके खिलाफ आंदोलन चलते थे, किसान अपने खेतों में आग लगाता था, सालों तक गन्ना किसानों का हजारों करोड़ रुपये का चीनी मिलों पर बकाया था. हमारी सरकार ने एक भी चीनी मिल को बंद नहीं किया. बंद चीनी मिलों को चालू कराया. तीन चीनी मिलों की स्थापना हुई. 6 चीनी मिलों को पुनः संचालन शुरू कराया.