सूडान में फंसे भारतीय: पीएम मोदी ने की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता, अब तक 300 लोगों की मौत

शुक्रवार को पीएम मोदी ने हिंसा प्रभावित सूडान में भारतीयों से संबंधित स्थिति की समीक्षा के लिए शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, वायु सेना और नौ सेना के प्रमुख, विदेश और रक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के अलावा वरिष्ठ राजनयिक डिजिटल तरीके से शामिल हुए। जयशंकर फिलहाल गुयाना के दौरे पर हैं.

सूडान की राजधानी खार्तूम सहित देश के अन्य हिस्सों में हुई हिंसा में एक भारतीय समेत 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. भारत ने बृहस्पतिवार को कहा था कि सूडान में स्थिति बहुत तनावपूर्ण है और वह भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब और मिस्र सहित विभिन्न देशों के साथ करीबी समन्वय कर रहा है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने नई दिल्ली में कहा था कि चार-पांच दिन बाद भी संघर्ष कम नहीं हुआ है, लड़ाई जारी है और स्थिति तनावपूर्ण है. ऐसे में हम भारतीयों से आग्रह करते हैं कि वे जहां हैं, वहीं रहें और बाहर न निकलें. उन्होंने कहा था कि हम सूडान के घटनाक्रम पर बेहद करीबी नजर रख रहे हैं. सूडान में भारतीय दूतावास औपचारिक, अनौपचारिक माध्यम से भारतीय समुदाय के साथ सम्पर्क में है.

यह संघर्ष देश के सैन्य नेतृत्व के भीतर ताकत के संघर्ष का सीधा परिणाम है. देश में सूडान की नियमित सेना और ‘रैपिड सपोर्ट फोर्सेस’ (आएसएफ) नामक अर्द्धसैन्य बल के बीच टकराव के कारण यह हिंसा हुई है.

सूडान में पिछले सात दिनों से देश की सेना और एक विद्रोही बल के बीच घातक लड़ाई चल ही है जिसमें लगभग 300 लोग मारे गए हैं. अंधाधुंध गोलीबारी के कारण भारतीयों को भोजन, पानी, दवाओं और बिजली की कमी का भी सामना करना पड़ रहा है. कम से कम 50 लाख लोग घरों में शरण लिए हुए हैं और उनके पास बिजली, भोजन या पानी नहीं है और संचार बुरी तरह बाधित है.

घातक संघर्ष शुक्रवार को अपने सातवें दिन में प्रवेश कर गया और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि सरकार सूडान में फंसे भारतीयों के साथ लगातार संपर्क में है. भारत ने गुरुवार को कहा कि इस देश में स्थिति बहुत तनावपूर्ण है और वह आकस्मिक योजनाओं और संभावित निकासी पर काम करने सहित भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है.


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि स्थिति बहुत तनावपूर्ण बनी हुई है. हमारा ध्यान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है. हम विभिन्न चैनलों के माध्यम से लोगों के संपर्क में हैं. उन्होंने कहा कि नई दिल्ली संबंधित देशों के साथ संपर्क में रहने के अलावा घटनाक्रम पर कड़ी नजर रख रही है. उन्होंने कहा कि कोई भी निकासी योजना जमीनी हालात पर निर्भर करेगी.

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