केंद्र सरकार की सैन्य बलों में भर्ती की योजना ‘अग्निपथ’ को लेकर देश में बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. आज बिहार, यूपी समेत कई राज्यों में हिंसक विरोध-प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. अग्निपथ योजना के विरोध में बिहार हिंसा और अराजकता की आग में जल रहा है.
शनिवार को पूर्व मध्य रेलवे ने अहम फैसला लिया है. बिहार में मौजूदा कानून-व्यवस्था की समस्या और रेलवे संपत्ति और यात्रियों को खतरे की आशंका के कारण 60 से अधिक ट्रेनें रद्द कर दी गईं हैं.
बिहार के कई जिलों में प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियों में आगजनी की है. सुरक्षा बलों पर भी पथराव किया है. यूपी के जौनपुर में अग्निपथ योजना के विरोध में हिंसक प्रदर्शन किया गया. संजय सिंह एडीजी, कानून व्यवस्था ने बताया कि सैन्य बलों में भर्ती की योजना ‘अग्निपथ’ के विरोध मे ंतीन दिनों में करीब 620 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 130 प्राथमिकी दर्ज की गई है. आज 140 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
हालांकि इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ अहम बैठक भी चल रही है. गृह मंत्रालय ने CAPFs और असम राइफल्स में होने वाली भर्तियों में अग्निपथ योजना के अंतर्गत 4 साल पूरा करने वाले अग्निवीरों के लिए 10 फीसद रिक्तियों को आरक्षित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है.
बिहार जदयू प्रमुख रंजीव रंजन ने कहा है कि अग्निपथ योजना पर संदेह दूर करने के बजाय भाजपा प्रशासन पर आरोप लगा रही है. नीतीश कुमार प्रशासन को संभालने में सक्षम हैं. भाजपा के संजय जायसवाल से सबक की जरूरत नहीं. भाजपा राज्यों में हिंसा के खिलाफ कुछ भी क्यों नहीं? इस तरह की प्रतिक्रिया से पता चलता है कि वह स्थिर नहीं हैं.