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देश में फिर डरा रहा कोरोना, नए संक्रमितों में उछाल-एक्टिव केस भी बढ़े

सांकेतिक फोटो

भारत में जिस गति से कोरोना का विस्फोट होने लगा है, उससे नहीं लगता कि सरकारें इसके प्रति ज्यादा गंभीर हैं. कारण ये है कि देशभर में कोरोना का टीकाकरण सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गया है. जहां पहले कोरोना के टीके हर दिन लाखों लोगों को लगाए जा रहे थे, अब इनकी संख्या मात्र एक से ढाई हजार के बीच तक सिमटकर रह गई है. उत्तराखंड में तो वैक्सीन लगभग खत्म हो चुकी है.

अभी भी दूसरी डोज और तीसरी डोज ना लगाने वालों की संख्या काफी है. हालांकि, भाषणों में केंद्र और राज्य सरकारें बढ़चढ़कर दावा करती हैं. राज्यों में जहां भी चुनाव हुए, इसमें मुफ्त कोरोना वैक्सीन को वोटों में तब्दील करने का प्रयास भी किया गया. हकीकत को अब सरकारों को मुंह चिढ़ाने लगी है. ऐसे में ये सवाल भी वाजिब है कि आखिर वैक्सीनेशन की गति क्यों धीमी पड़ गई है.

अब कोरोना डराने लगा है. जिस गति से नए संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है, उससे साफ माना जा सकता है कि कोरोना की चौथी लहर आ चुकी है. शुक्रवार सात अप्रैल की सुबह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर में पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना के 6050 नए संक्रमित मिले. इस दौरान 14 मौत दर्ज की गई. ऐसे में अब कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या 530943 हो गई है.

पिछले 24 घंटे में 3320 मरीज कोरोना से स्वस्थ हुए. अब स्वस्थ होने वालों का कुल आंकड़ा 44185858 हो गया है. वर्तमान में एक्टिव केस की संख्या 28303 हो गई है. वैक्सीनेशन की बात करें तो गुरुवार को देशभर में मात्र 2334 लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए. अब तक कुल 2206620700 वैक्सीनेशन हो चुका है.

देश में गुरुवार छह अप्रैल को कोरोना के 5335 नए संक्रमित और 13 मौत, बुधवार पांच अप्रैल को कोरोना के 4435 नए संक्रमित और 15 मौत, मंगलवार चार अप्रैल को कोरोना के 3038 नए संक्रमित और नौ मौत, सोमवार तीन मार्च को 3641 नए संक्रमित और 11 मौत, रविवार दो अप्रैल को कोरोना के 3824 नए संक्रमित और पांच मौत, शनिवार एक अप्रैल को कोरोना के 2993 नए संक्रमित और नौ मौत, शुक्रवार 31 मार्च को कोरोना के 3091 नए संक्रमित और पांच मौत दर्ज की गई थी.


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