अब सरकारी बाबुओं पर नकेल कसने की तैयारी में मोदी सरकार, सरकारी गाड़ी ज्यादा चलाई तो देना होगा चार्ज

मोदी सरकार अब सरकारी बाबुओं पर नकेल कसने जा रही है. इसके तहत अब सरकारी गाड़ियों का मनमर्जी तरीके से इस्तेमाल बाबू नहीं कर पाएंगे. उन्हें हर चीज का हिसाब देना होगा. और अगर पर्सनल यूज के लिए ज्यादा गाड़ी का इस्तेमाल किया तो उसका पैसा भी उन्होंने चुकाना होगा.

नए नियम के तहत एक्स्ट्रा यूज पर 24 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान करना होगा. इसके अलावा वित्त मंत्रालय ने पेट्रोल-डीजल की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर देने की भी बात कही है.

क्या है नया नियम

वित्त मंत्रालय के डिपॉर्टमेंट ऑफ एक्सपेंडीचर द्वारा एक सितंबर 2022 को जारी किए ऑफ ऑफ मेमोरेंडम के अनुसार, सरकार ने सरकारी कार खरीदने , उनके इस्तेमाल में कई अहम बदलाव किए हैं। जिसके अनुसार…
सरकारी इस्तेमाल के लिए 6 लाख रुपये (नेट डीलर प्राइस) तक की कार केवल सरकारी ई-मार्केट प्लेस (GeM) के जरिए ही खरीदी जा सकेगी.
दिल्ली में सभी विभाग अपने यहां मौजूद पेट्रोल-डीजल की कारों कों इलेक्ट्रिक कार से बदलने की संभावना तलाशेंगे. साथ ही जिन गाड़ियों का कांट्रैक्ट खत्म हो रहा है. उसे बदलने में इलेक्ट्रिक कार खरीदने का विकल्प तलाशा जाएगा.

स्टॉफ कार का इस्तेमाल मुख्यालय से बाहर जाने के लिए नहीं किया जाय. केवल संबंधित अथॉरिटी की मंजूरी के बाद ही ऐसा किया जा सकेगा.
कंट्रोलिंग ऑफिसर कार का इस्तेमाल, रिपेयरिंग आदि की लॉग बुक तैयार करेगा.
लॉग बुक की जांच संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी को हर महीने करनी होगी.
सीमित मात्रा में कर सकेंगे पर्सनल यूज

वित्त मंत्रालय के निर्देश के अनुसार स्टॉफ कार का इस्तेमाल सीमित मात्रा में पर्सनल यूज के लिए किया जा सकेगा. इसके तहत हर महीने 500 किलोमीटर तक कार का इस्तेमाल किया जा सकेगा. इसके लिए अधिकारी को 3000 रुपये प्रति माह जमा करने होंगे.

साथ ही अगर 500 किलोमीटर से अधिक कार का इस्तेमाल पर्सनल यूज के लिए किया गया तो 24 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से चार्ज देना होगा. इसके अलावा स्टॉफ कार में सरकारी काम के लिए हर महीने 250 लीटर तक ही ईंधन का इस्तेमाल किया जा सकेगा.

किन अधिकारियों को मिलती है कार
स्टॉफ कार की सुविधा संयुक्त सचिव और उससे ऊपर के पद के वरिष्ठ अधिकारियों को मिलती है. इसके अलावा विभिन्न विभागों के प्रमुखों को भी स्टॉफ कार की सुविधा मिलती है. जिनका वेतनमान सीनियर एडमिनिस्ट्रिटव ग्रेड और उससे ऊपर का होता है.











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