चीन का शातिर चेहरा एक बार फिर आया सामने, पैगॉन्ग झील के पास अतिरिक्त सेना और बोट किए तैनात

वास्तविक नियंत्रण रेखा पर एक ओर जहां चीन शांति बहाल करने के लिए भारत से सैन्य बातचीत को आगे बढ़ा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ पैगॉन्ग झील के पास चीन का शातिर चेहरा एक बार फिर सामने आया है. इस बात का खुलासा तब हुआ जब 14 जुलाई की बातचीत के बाद चीन ने अतिरिक्त बोट और सेना की टुकड़ी को पैंगॉन्ग में तैनात कर दिया. पैगॉन्ग में चीन की सेना लगातार अपनी सैन्य ताकत को मजबूत करने में लगी हुई है.

खबर है कि पैंगॉन्ग झील में चीनी सेना लगातार अपनी ताकत बढ़ा रही है और विवादित क्षेत्र में नए कैंप बनाने शुरू कर दिए हैं. इन कैंप में चीन की ओर से अतिरिक्त सेना की टुकड़ी को तैनात किया जा रहा है. इसके साथ ही पैंगॉन्ग झील में भी लगातार बोट की आवाजाही देखी जा रही है. चीन की नई चाल सैटेलाइन में कैद हो गई है. सैटेलाइट इमेज में ​भी दिख रहा है कि चीन पैंगॉन्ग झील में लगातार अपनी ताकत बढ़ाने का काम कर रहा है.

दोनों देशों की सेनाएं बातचीत के बाद गलवान घाटी, पट्रोलिंग पॉइंट 15 और हॉट स्प्रिंग्स/गोगरा इलाके से पीछे हट चुकी हैं लेकिन अभी भी पैन्गॉन्ग सो झील के पास फिंगर इलाके में इसे लागू किया जाना बाकी है. वॉन्ग ने कहा कि चीन उम्मीद कर रहा है कि भारत इस देश में आधा रास्ता चले और दोनों देशों के बीच सहमति का पालन करे ताकि एकसाथ सीमा क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित की जा सके. वहीं, भारतीय सरकार के सूत्रों ने चीन के बयान को गलत बताया है. डोभाल और वांग के बीच हुई बातचीत के बाद भारत और चीन, दोनों देशों ने छह जुलाई से सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया शुरू की थी. ये दोनों सीमा मुद्दे पर अपने-अपने देश के विशेष प्रतिनिधि हैं.