11वीं गढ़वाल राइफल्स के हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी शहीद घोषित, पत्नी का मानने से इंकार

जम्मू-कश्मीर में बीती आठ जनवरी को बर्फ में फिसलकर लापता हुए सेना के हवलदार का कुछ पता नहीं लगने पर सेना ने उन्हें बैटल कैजुअलिटी (युद्ध में शहीद) घोषित कर दिया है. सेना की ओर से हवलदार के परिजन को इस बाबत चिट्ठी भेजी गई है. हालांकि, गमगीन परिजन उन्हें शहीद मानने को तैयार नहीं है. उन्हें अब भी जवान के लौटने की आस है.

सैनिक कॉलोनी, अंबीवाला निवासी 11वीं गढ़वाल राइफल्स के हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी मूल रूप से चमोली जिले के पंजियाणा गांव के निवासी थे. वे बीती आठ जनवरी को पाकिस्तान सीमा पर लापता हो गए थे.

राजेंद्र की पत्नी राजेश्वरी ने बताया कि कुछ दिन पहले सेना से भेजी गई चिट्ठी उन्हें मिली. जिसमें सेना ने उन्हें युद्ध में शहीद होने की बात लिखी हुई है. शहीद पत्र के अलावा सेना से किसी ने शहीद को दिए जाने वाले सम्मान को लेकर परिजनों से संपर्क नहीं किया है. हवलदार की पत्नी उनके शहीद पत्र से सहमत नहीं है. उनका कहना है वह पति को तब तक शहीद नहीं मानेंगी जब तक सबूत नहीं मिलता.

पति को शहीद नहीं मानूंगी : राजेश्वरी
शहीद हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी की पत्नी राजेश्वरी पति के जिंदा होने का विश्वास है. उनका मानना है कि, जब तक पति की शहादत का सबूत नहीं मिलता, वह उन्हें शहीद मानने को तैयार नहीं है. सेना ने भले ही राजेंद्र सिंह को शहीद का दर्जा दे दिया हो. लेकिन, उनकी पत्नी राजेश्वरी देवी मानने को तैयार नहीं हैं. वह अब भी अपने पति को ड्यूटी पर मानती हंै. उन्होंने कहा कि सेना ने उनको शहीद घोषित किया तो सुबूत भी लाया जाए. पति के लापता होने के बाद सेना की ओर से उनके बैंक खाते में हर महीने 25 हजार रुपये भेजे जा रहे हंै. पति के शहीद होने का पत्र होने के बाद जुलाई महीने में यह रकम भी नहीं भेजी गई है.

अब फोन नहीं आता
राजेश्वर देवी ने बताया कि लापता होने के बाद कुछ महीने तक यूनिट में नियमित संपर्क होता था. वह पति को ढूंढने के प्रयासों की जानकारी लेती थी. अब सेना की ओर से फोन नहीं आता है. पति की तलाश की जानकारी लेने के लिए खुद फोन करती हैं. इस दौरान भी उन्हें ठीक से जानकारी नहीं दी जाती है.

प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री को भेजा पत्र
राजेश्वरी देवी ने सेना पर उनके पति को ढूंढने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए पीएम, रक्षा मंत्री, सीडीएस और थल सेना प्रमुख को पत्र लिखा है. पीएमओ से पत्र उनकी यूनिट के अफसरों के पास पहुंचा तो वहां से फोन कर चिट्ठी लिखने पर एतराज जताया गया. राजेश्वरी देवी ने कहा कि वह पति की यूनिट के अफसरों से संपर्क करती हैं तो वह उनके लापता होने के स्थान पर अभी भी बर्फ जमी होने की बात कहते हैं.