राहुल गांधी की युवा टीम को भी तोड़ने में लगी हुई है भाजपा

मौजूदा समय कांग्रेस के लिए सबसे खराब दौर कहा जा सकता है. पार्टी में जो लोकप्रिय नेता बचे हैं वह एक-एक करके भाजपा में चले जा रहे हैं. दूसरी ओर देश की सबसे पुरानी पार्टी के पास मजबूत राष्ट्रीय नेतृत्व का न होना भी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में निराशा का माहौल बना हुआ है. बात करें वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की जबरदस्त हार के बाद राहुल गांधी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था.

उसके बाद सोनिया गांधी को पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया था. बढ़ती आयु और बीमारी की वजह से अब वह कार्यकर्ताओं और पार्टी में इतनी सक्रिय नहीं हो पा रही हैं. कुछ समय पहले तक कांग्रेसी कार्यकर्ता राहुल गांधी की युवा बिग्रेड टीम को लेकर आस लगाए बैठे हुए थे, लेकिन भाजपा अब राहुल गांधी की युवा टीम को भी धीरे-धीरे अपने साथ मिलाती जा रही है. वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने देशभर में भाजपा का डंका बजाया था तब कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी बज गई थी. उसके बाद पीएम मोदी और अमित शाह ने देश से कांग्रेस को मिटाने का संकल्प लिया था.

भाजपा के बढ़ते जनाधार को देखते हुए राहुल गांधी ने अपनी एक युवा टीम बनाई थी, राहुल गांधी की इस टीम में ज्योतिरादित्य सिंधिया, सचिन पायलट, मिलिंद देवड़ा, जितिन प्रसाद और दीपेंद्र हुड्डा शामिल थे. राजनीति के अलावा यह सभी राहुल गांधी के अच्छे दोस्त भी हुआ करते थे. लेकिन अब भाजपा की नजर राहुल गांधी के इन युवा दोस्तों पर लग चुकी है.


ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद हुई शुरुआत
कोई लोकप्रिय नेता और प्रखर प्रवक्ता किसी भी पार्टी का क्यों न हो भाजपा को वह पसंद आता रहा है. इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए भाजपा ने पिछले मार्च महीने में कांग्रेस पार्टी के युवा और मध्य प्रदेश के सबसे लोकप्रिय नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को अपने खेमे में मिलाकर कांग्रेस को झटका दिया था, सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार गिर गई थी. अब ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही सचिन पायलट भी भाजपा का दामन थाम सकते हैं. अगर हम बात करें मुंबई के मिलंद देवड़ा और उत्तर प्रदेश के जितिन प्रसाद भी कांग्रेस पार्टी में पिछले काफी समय से उपेक्षित चल रहे हैं. सचिन पायलट को मनाने के लिए उनके दोस्त मिलिंद देवड़ा से कहा गया था लेकिन उन्होंने बात करने से मना कर दिया. बता दें कि सचिन पायलट और मिलिंद देवड़ा अच्छे दोस्त हैं, लेकिन मिलिंद देवड़ा खुद भी कांग्रेस से नाराज चल रहे हैं. मिलंद देवड़ा लगातार अपनी ही पार्टी पर हमलावर हैं. पिछले दिनों उन्होंने भारत-चीन विवाद पर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के रुख पर आपत्ति जताई थी. देवड़ा ने ट्वीट करके इस अवसर पर राहुल को एकजुटता का प्रदर्शन करने की सलाह दी थी.


अब भाजपा मिलिंद देवड़ा और जितिन प्रसाद को भी पार्टी में ज्वाइन करा सकती है !

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने एक-एक कर नेताओं के पार्टी छोड़ने पर सोमवार को कहा था कि ‘क्या अस्तबल से सारे घोड़े निकल जाएंगे’ तभी यह कांग्रेस समझेगी. आज सचिन पायलट के कांग्रेस से हटाए जाने के बाद कांग्रेस के युवा नेता जितिन प्रसाद ने दुख जताते हुए ट्विटर पर लिखा कि, ऐसा लग रहा है कि सचिन पायलट को लेकर कांग्रेस के आलाकमान के रुख से वह खुश नहीं है. उन्होंने आगे लिखा कि ‘सचिन पायलट न सिर्फ हमारे सहयोगी बल्कि अच्छे दोस्त भी हैं. उसके बाद कांग्रेस पार्टी की पूर्व सांसद और अभिनेता संजय दत्त की बहन प्रिया दत्त ने कहा कि किसी का महत्वकांक्षी होना गुनाह नहीं है.

उन्होंने सिंधिया और पायलट के बारे में कहा कि जिन लोगों ने सबसे मुश्किल घड़ी में कठिन परिश्रम किया, उनका कांग्रेस पार्टी से रुख्सत होना वाकई दुखदायी है. उन्होंने जितिन की तरह ही पायलट को एक अच्छा दोस्त बताया. बता दें कि पिछले वर्ष खबर आई थी कि जितिन प्रसाद भी राहुल गांधी से नाराज चल रहे हैं. तब ऐसा कहा जा रहा था कि जितिन प्रसाद भाजपा का दामन थामने वाले हैं. सचिन पायलट, मिलंद देवड़ा जितिन प्रसाद ज्योतिरादित्य सिंधिया के सबसे अच्छे दोस्त माने जाते हैं, भाजपा के लिए यह राहत की बात है.


शंभू नाथ गौतम, वरिष्ठ पत्रकार