खाने-पीने की चीजें हुईं सस्‍ती! खाद्य महंगाई दर 9 महीने के निचले स्‍तर पर

कोरोना संकट के बीच आम लोगों के लिए राहत की बात है कि खाद्य महंगाई 9 महीने के निचले स्‍तर पर पहुंच गई है. केंद्रीय सांख्यिकीय कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, जून 2020 में खाद्य महंगाई दर 7.87 फीसदी हो गई, जो मई में 9.2 फीसदी पर पहुंच गई गई थी. सीएसओ के मुताबिक, लॉकडाउन में ढील के बाद खाने-पीने की चीजों की आपूर्ति सुचारू होने के कारण ऐसा हो पाया है. वहीं, सीएसओ ने दो महीने बाद खुदरा महंगाई के आंकड़े भी जारी कर दिए हैं.

सीएसओ की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, जून 2020 में खुदरा महंगाई दर 6.09 फीसदी पर पहुंच गई है. मार्च 2020 में उपभोक्‍ता मूल्‍य सूचकांक मुद्रास्‍फीति 5.84 फीसदी रही. सीएसओ ने बताया कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए केंद्र सरकार की ओर से जारी बचाव उपायों और लॉकडाउन के कारण कंज्‍यूमर प्राइस इंडेक्‍स के लिए प्राइस कलेक्‍शन टेलीफोन के जरिये किया गया है.

केंद्रीय सांख्यिकीय कार्यालय ने बताया कि जैसे-जैसे पाबंदियां हटाई गईं, एनएसओ ने जून 2020 में 1030 शहरी और 998 ग्रामीण बाजारों से खाने-पीने की चीजों की कीमतें इकट्ठी कीं. सीएसओ ने स्‍पष्‍ट किया है कि एकत्र किए गए आंकड़ों ने राज्य-स्तर पर सीपीआई के मजबूत अनुमान पैदा करने के लिए पर्याप्तता मानदंडों को पूरा नहीं किया है. भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने हाल में कहा था केंद्रीय बैंक का पूरा जोर आर्थिक वृद्धि की रफ्तार को पटरी पर लाना और वित्‍तीय स्‍थायित्‍व की बहाली पर रहेगा.