नैनीताल: प्रशासनिक अकादमी की शोधपत्रिका ‘जुआन‘ का दूसरा अंक और वेबसाइट लांच

डॉ. आरएस टोलिया प्रशासन अकादमी (एटीआई) नैनीताल ने अपनी शोधपत्रिका (जर्नल) ‘जुआन‘ यानी जर्नल ऑफ़ उत्तराखंड एकेडमी ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेशन, नैनीताल के दूसरे अंक का प्रकाशन किया है. इसके साथ ही शोधपत्रिका की वेबसाइट www.juaan.co.in भी लांच कर दी गयी है. शोधपत्रिका में कोरोना महामारी की चुनौतियों को दृष्टिगत रखते हुये विभिन्न पहलुओं पर उच्चस्तरीय शोधपत्रों को शामिल किया गया है. वेबसाइट पर शोधपत्रिका के सभी अंक, शोधपत्र उपलब्ध होंगे. वहीं, शोधपत्रिका के तीसरे अंक के लिये भी शोधपत्र आमंत्रित किये गये हैं.

एटीआई के निदेशक राजीव रौतेला के निर्देशन में अकादमी ने राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर के उत्कृष्ट शोधपत्रों को संकलित कर जर्नल प्रकाशन की पहल की है. फरवरी में अकादमी ने पहली बार अपने जर्नल का प्रकाशन किया था. इस जर्नल का दूसरा अंक प्रकाशित किया गया है. इस संबंध में जानकारी देते हुये अकादमी निदेशक राजीव रौतेला ने बताया कि कोरोना महामारी के इस काल में जर्नल के दूसरे अंक का प्रकाशन चुनौतीपूर्ण कार्य था, लेकिन अकादमी ने लोक प्रशासन, गवर्नेंस समेत विभिन्न सामाजिक विषयों से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सफलतापूर्वक इस कार्य को संपन्न किया है.

निदेशक राजीव रौतेला ने बताया कि अकादमी की ओर से जर्नल के लिये लेख, शोधपत्र आमंत्रित किये गये थे. इसके तहत देश-विदेश से 40 शोधपत्र और लेख प्राप्त हुए. उन्होंने बताया कि संस्थान की ओर से एंटी प्लेगेरिज्म सॉफ्टवेयर के माध्यम से इन शोधपत्रों की जांच की गयी. इसके अलावा संस्थान के पैनल में शामिल बुद्धिजीवियों को भी ये शोधपत्र भेजे गये. अंतिम स्तर पर 15 शोधपत्रों का चयन किया गया, जिन्हें जर्नल के द्वितीय अंक में प्रकाशित किया गया है.

इस दौरान अकादमी के निदेशक राजीव रौतेला ने शोधपत्रिका की वेबसाइट www.juaan.co.in को भी लांच किया. कहा कि यह शोधपत्रिका प्रशिक्षु अधिकारियों, शिक्षकों, शोधार्थियों के अलावा विद्यार्थियों के लिए काफी लाभकारी साबित होगा. वेबसाइट के जरिये अब शोधार्थी, अधिकारी शोधपत्रिका के सभी अंक, शोधपत्र और इनसे जुड़ी अद्यतन जानकारी आॅनलाइन प्राप्त कर सकेंगे. निदेशक ने शोधपत्रिका के सफल संपादन और प्रकाशन तथा वेबसाइट लांचिंग के लिये जर्नल के मुख्य संपादक और अकादमी के संयुक्त निदेशक दीपक पालीवाल व संपादक मंडल को बधाई दी. साथ ही शोधपत्रों की जांच में सहयोग करने वाले बुद्धिजीवियों और शोधपत्र प्रस्तुत करने वाले शोधकर्ताओं-लेखकों का आभार जताया.

वहीं, जुआन के मुख्य संपादक और संयुक्त निदेशक दीपक पालीवाल ने बताया कि शोधपत्रिका के तीसरे अंक के प्रकाशन की तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं. उन्होंने बताया कि इस अंक के लिये शोधपत्र आमंत्रित किये जा रहे हैं. बताया कि इससे संबंधित जानकारी www.juaan.co.in से ली जा सकती है. इसके अलावा शोधकर्ता अकादमी से भी संपर्क कर सकते हैं.