नक्शा विवाद में भारत के पक्ष पर बयान देना सांसद सरिता गिरी को पड़ा भारी, पार्टी ने किया बर्खास्त

भारत के खिलाफ नक्शा विवाद को लेकर नेपाल में राजनीतिक संकट चल रहा है. इसी कड़ी में अब नेपाल की सांसद सरिता गिरी को पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया है. बीते दिनों उन्होंने नक्शा विवाद में भारत के पक्ष में बयान दिया था.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल की जनता समाज पार्टी ने सरकार के दूसरे संशोधन के खिलाफ संसद के संसदीय क्षेत्र में पंजीकृत अपने संशोधन को वापस लेने के लिए पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने के लिए सरिता गिरि को पद से हटाने का फैसला किया है.

संविधान संशोधन के नियम के मुताबिक, राष्ट्रीय प्रतीक पर देश के नए प्रशासनिक और राजनीतिक मानचित्र को अद्यतन करना था. 18 जून को प्रतिनिधि सभा द्वारा अनुमोदित किया गया था.

नए नक्शे के समर्थन पर उनकी पार्टी की आधिकारिक स्थिति के विपरीत है. गिरि ने संसद सचिवालय में एक अलग संशोधन प्रस्ताव किया था. गिरी ने राष्ट्रीय प्रतीक पर पुराने नक्शे को बरकरार रखने की मांग की थी. जिसके बाद उनके खिलाफ व्हिप जारी कर दिया गया.

उन्होंने तर्क दिया कि लिपिमाधुरा, लिपु लेख और कालापानी को नेपाली क्षेत्र के रूप में दावा करने के लिए कोई स्पष्ट सबूत नहीं था. जिसके बाद जेएसपी ने गिरि की जांच के लिए अपने केंद्रीय सदस्यों में से एक राम सहज यादव के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया.

पैनल ने हाल ही में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को अपनी रिपोर्ट दी. जिसमें पार्टी के सांसदों और पार्टी के सामान्य सदस्य के पदों से उन्हें बर्खास्त करने की सिफारिश की गई थी.