योगी सरकार में पुलिस का यह कैसा एनकाउंटर ! जिसमें अपनों को ही गंवानी पड़ी जान

वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले योगी आदित्यनाथ ने अपने शुरुआती कार्यकाल से ही यूपी को अपराध मुक्त करने के लिए ‘एनकाउंटर स्कीम’ पूरे प्रदेश भर में बड़े जोर-शोर से चलाई थी. योगी के आदेश का पालन करते हुए प्रदेश का पूरा पुलिस महकमा अपराधियों के एनकाउंटर करने में जुट गया था. लगभग एक से डेढ़ साल तक यूपी में पुलिस वालों ने जबरदस्त एनकाउंटर किए थे. हालांकि उस दौरान कुछ एनकाउंटर को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर सवाल भी उठे थे. लेकिन भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने योगी सरकार को इस मामले में कुछ संयम बरतने की भी सलाह दी थी.

उसके बाद यूपी में एनकाउंटर में कुछ कमी आई थी लेकिन पुलिस वालों का एनकाउंटर करने की आदत ऐसी पड़ी कि वो जारी रही. हम बात कर रहे हैं कानपुर के बिठूर थाने की. गुरुवार की देर रात पुलिस एक बड़े अपराधी विकास दुबे को एनकाउंटर के इरादे से गई थी.भानपुर के बिठूर थाना अंतर्गत बिकऊ गांव में जब पुलिस पहुंची उससे पहले विकास दुबे और उनके गुर्गों ने पुलिस को संभलने का मौका ही नहीं दिया.

विकास दुबे की ओर से जारी ताबड़तोड़ फायरिंग में एक डीएसपी समेत आठ पुलिसकर्मियों को मार डाला. एक साथ आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरा देश हिल गया. साथ ही पुलिस के एनकाउंटर को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है. क्या पुलिस को यह नहीं सोचना चाहिए था कि वह उस शातिर अपराधी के गांव में जा रहे हैं जहां उसका पूरा राज चलता है.

विकास दुबे पहले से ही कई नेताओं और नामचीन हस्तियों के मर्डर कर चुका है। शातिर अपराधी विकास दुबे के एनकाउंटर या दबिश देने से पहले कानपुर पुलिस को इसका पूरा रिहर्सल कर लेना चाहिए था. एनकाउंटर में की गई जबरदस्त लापरवाही की वजह से ही 8 पुलिसकर्मियों को अपनी जान गंवानी पड़ी. यही नहीं यह बदमाश पुलिस कर्मियों के हथियार भी लूट ले गए. साथ ही कानपुर पुलिस पर कुख्यात अपराधी विकास दुबे पर मिलीभगत होने के भी आरोप लग रहे हैं.


पुलिस की लापरवाही पर योगी सरकार की भी हुई फजीहत
आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने बाद शातिर अपराधी विकास दुबे और उसके गुर्गे बेधड़क घटना को अंजाम देकर फरार हो गए. इस घटना के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में कानपुर एडीजी, आईजी समेत तमाम पुलिस प्रशासन के अफसरों ने उस घटना स्थल का दौरा भी किया‌. अपने आठ पुलिसकर्मियों को गंवाने के बाद एडीजी हो या पुलिस महानिदेशक के पास कोई जवाब नहीं था. उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक एचसी अवस्थी ने घटना को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और घटना को हल्के शब्दों में बताने का प्रयास करते रहे. साथ ही पुलिस महानिदेशक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ घबराए हुए भी दिख रहे थे कहीं न कहीं योगी सरकार का दबाव भी उनके ऊपर था. क्योंकि आठ पुलिसकर्मियों का एक साथ एनकाउंटर करने के दौरान जान गंवा देना सीधे उनसे जुड़ा हुआ था.

इस दौरान यूपी पुलिस महानिदेशक अवस्थी ने यह बड़े जोर से बताया कि हमने भी शातिर अपराधी विकास दुबे के दो बदमाशों को मार डाला है. कानपुर पुलिस की एनकाउंटर के लिए की गई लापरवाही पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी खुश नहीं होंगे, लेकिन फिलहाल मामला गर्म होने पर योगी आदित्यनाथ ने इस घटना में शहीद हुए पुलिसकर्मियों को एक एक करोड़ रुपए देने की घोषणा कर दी है और फरार हुआ पुलिसकर्मियों का हत्यारा विकास दुबे पर 50 हजार रुपए इनाम की भी घोषणा की है.


घटना के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस फिर से हत्यारे को पकड़ने के लिए एनकाउंटर के लिए दौड़ रही है
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश के डीजीपी एचसी अवस्थी के आदेश के बाद एक बार फिर आठ सिपाहियों की हत्या करने के बात फरार शातिर अपराधी विकास दुबे का एनकाउंटर करने के लिए पूरे सूबे की पुलिस दौड़ रही है. कई घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस विकास को अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है. उसे पकड़ने के लिए पुलिस की 25 से ज्यादा टीमें उत्तर प्रदेश और अन्य प्रदेशों में लगातार छापेमारी कर रही हैं, लेकिन घटना के करीब 36 घंटे बाद भी वह पुलिस की पकड़ से बाहर है. आपको बता दें कि कानपुर पुलिस पर भी अपराधी विकास दुबे के साथ मिलीभगत होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

क्योंकि छापेमारी से पहले ही विकास दुबे को इसकी खबर लग गई थी, जिसके बाद उसने पूरी तैयारी के साथ पुलिस की टीम पर हमला किया. कानपुर के महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल ने बताया विकास दुबे और उसके सहयोगियों को पकड़ने के लिये पुलिस की 25 टीमें लगायी गई हैं जो प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा कुछ दूसरे प्रदेशों में भी छापेमारी कर रही हैं. इस बार उत्तर प्रदेश पुलिस को विकास दुबे या अन्य कुख्यात अपराधियों को पकड़ने या एनकाउंटर करने के लिए सावधानी और संयम और अपनी पूरी प्लानिंग करनी होगी. बहरहाल कानपुर पुलिस को विकास दुबे के घर बिना तैयारी के दबिश देना कई दिनों तक जख्म देता रहेगा.