दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, 31 जुलाई तक बंद रहेंगे स्‍कूल

राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्‍ली में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने यहां स्‍कूल 31 जुलाई तक बंद रखने का फैसला किया है. स्‍कूलों में अभी गर्मी की छुट्टियां हैं, जिसके बाद स्‍कूल जुलाई में खुलने के कयास लगाए जा रहे थे. यहां स्‍कूल मार्च से ही बंद हैं, जब कोरोना वायरस संक्रमण के मामले सामने आने लगे थे. छात्रों के स्‍वास्‍थ्‍य को ध्‍यान में रखते हुए सरकार ने स्‍कूल बंद कर दिए थे.

कोरोना संकट को देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से 25 मार्च से देशव्‍यापी लॉकडाउन का भी ऐलान किया गया, जिसके बाद पूरे देश में स्‍कूल बंद हो गए. करीब दो महीने के लॉकडाउन के बाद 1 जून से देशभर में अनलॉक-1 शुरू किया गया है. सरकार ने फिलहाल केवल कंटेनमेंट जोन में 30 जून तक पाबंदियां रहने की बात कही है, जबकि अन्‍य गतिविधयों की अनुमति दी गई है.

अनलॉक-1 में हालांकि स्‍कूल खोलने के बारे में कुछ नहीं कहा गया था. इसमें कहा गय था कि स्‍कूल, कॉलेज सहित तमाम शैक्षणिक संस्‍थानों को खोलने के बारे में फैसला जुलाई में लिया जाएगा और इसके लिए राज्‍य सरकारों से विचार-विमर्श किया जाएगा. इसके बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि गर्मी की छुट्टियों के बाद स्‍कूल जुलाई में खुल सकते हैं, लेकिन दिल्‍ली में स्‍कूलों को फिलहाल 31 जुलाई तक बंद रखने का फैसला लिया गया है.

दिल्‍ली में संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, जहां कुल मामले बढ़कर अब 73 हजार 780 हो गए हैं, जबकि मृतकों की संख्‍या बढ़कर 2 हजार 429 हो गई है. यहां अब भी संक्रमण के 26 हजार 586 एक्टिव केस हैं, जबकि 44 हजार 765 लोग ठीक हुए हैं. यहां बीते करीब एक सप्‍ताह में संक्रमण के मामलों में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है.

रोजाना यहां संक्रमण के करीब 4 हजार मामले सामने आ रहे हैं और बीते एक सप्‍ताह में यहां रोजाना छह प्रतिशत की दर से संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी हुई है. यहां संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए घर-घर जाकर संक्रमितों का पता लगाने का अभियान भी गुरुवार से शुरू हुआ है, जिसमें मुख्‍य रूप से आशा/आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को लगाया गया है. इसमें लोगों के नाम, उम्र, पता, मोबाइल नंबर, आरोग्य सेतु के बारे में जानकारी हासिल की जाएगी.