कैंची धाम: पहली बार नीब करौली बाबा को घर पर भोग लगाएंगे भक्त

कोरोना संक्रमण के चलते इस साल पहली बार बाबा नीब करौली महाराज को भक्तों की ओर से घर पर ही भोग लगाया जाएगा. कैची धाम के स्थापना दिवस पर हर साल 15 जून को होने वाला कैची महोत्सव इस वर्ष स्थगित कर दिया गया है. हालांकि मंदिर समिति की ओर से इस अवसर पर सामान्य पूजा-अर्चना की जाएगी. बता दें कि बाबा नीब करौली महाराज की भक्ति देश ही में नहीं बल्कि विदेशों में भी देखने को मिलती है.

बाबा ने वर्ष 1962 में अपने मित्र पूर्णानंद के साथ मिलकर कैची में आश्रम स्थापित करने का विचार बनाया. 1964 में उन्होंने यहां हनुमान मंदिर स्थापित किया. इसके बाद बाबा ने देश-विदेश में कुल 108 हनुमान मंदिर आश्रम बनाए. लेकिन उन्हें कैची धाम बेहद प्रिय था. बाबा के अनुयायी बताते हैं कि वह अधिकांश समय कैची धाम में ही व्यतीत करते थे. बताया जाता है कि उनके बनाए आश्रमों में कैची धाम और अमेरिका के न्यू मैक्सिको सिटी स्थित टाउस आश्रम सबसे बड़े आश्रम हैं.

पिछले साल दो लाख श्रद्धालु पहुंचे थे कैंची धाम

बाबा के भक्त प्रसिद्ध लेखक रिचर्ड अल्बर्ट ने मिरेकल ऑफ लव नाम से बाबा पर पुस्तक लिखी है. इस पुस्तक में बाबा नीब करौरी के चमत्कारों का विस्तार से वर्णन है. इनके अलावा हॉलीवुड अभिनेत्री जूलिया राबर्ट्स, एप्पल के फाउंडर स्टीव जाब्स तथा फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग जैसी बड़ी हस्तियां बाबा के भक्त हैं. बीते वर्ष यानि 2019 की यदि बात की जाए तो बाबा के दरबार में मत्था टेकने के लिए देश-विदेश से 2 लाख श्रद्धालु यहां पहुंचे थे. हालांकि वर्तमान में कोरोना महामारी के चलते भक्तजन बाबा के दर्शन के लिए कैची धाम पर नहीं पहुंच सकेंगे.

पुवे-पूरी का लगेगा भोग

स्थापना दिवस के अवसर पर बाबा को पुवे और पूरी का भोग लगेगा. इस दौरान मंदिर परिसर में सिर्फ मंदिर समिति की ओर से ही भोग लगाया जाएगा. अन्य भक्तों के लिए फिलहाल मंदिर के कपाट बंद हैं. पिछले वर्षो यहां प्रसिद्ध बाबा का प्रसाद मालपुवे का भोग लगाया जाता था. मंदिर समिति के सदस्यों के अनुसार बाबा के भक्त जो जहां हैं वहीं से उन्हें स्मरण करें.