यूएस के 40 शहरों में बिगड़े हालात, प्रदर्शनकारियों ने व्हाइट हाउस के पास चर्च में लगाई आग

वाशिंगटन|…. अमेरिका में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद पुलिस के खिलाफ जारी प्रदर्शन अब अमेरिका के 40 शहरों में काफी उग्र हो गया है. रविवार रात को प्रदर्शनकारियों ने व्हाइट हाउस के आस-पास कई जगहों में आग लगा दी. व्हाइट हाउस के नजदीक स्थित ऐतिहासिक सेंट जॉन एपिस्कोपल चर्च को भी प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर आग के हवाले कर दिया. लाफयेते स्क्वायर के पास अभी कई दुकानों में न सिर्फ तोड़-फोड़ की गयी बल्कि उनके आग भी लगा दी गयी. बता दें कि शनिवार को पुलिस ने व्हाइट हाउस के बहार मौजूद प्रदर्शनकारियों पर बर्बरता से लाठीचार्ज किया था जिसके वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गए थे.

चर्च के पास से सामने आई वीडियो में साफ़ नज़र आ रहा है कि दीवारों पर प्रदर्शन से संबंधित ग्रैफिटी बनायी गयी हैं और चर्च की खिड़की तोड़कर उसमें आग लगा दी गयी है. न्यूज चैनल सीएनएन के मुताबिक, वॉशिंगटन समेत 15 शहरों में करीब 5 हजार नेशनल गार्ड्स की तैनाती की गई है. जरूरत पड़ने के लिहाज से 2 हजार गार्ड्स को मुस्तैद रहने को कहा गया है. उधर मिनसोटा से भी दो वीडियो वायरल हुए हैं. एक वीडियो में पुलिसवाले प्रदर्शनकारियों पर NYPD क्रूजर कार चढ़ाते नज़र आ रहे हैं. एक अन्य वीडियो में नेशनल गार्ड घर में मौजूद लोगों पर फायरिंग कर रहे हैं और घरों के भीतर आंसू गैस के गोले भी फेंक रहे हैं.

बता दें कि सेंट जॉन चर्च दुनिया भर में काफी मशहूर है और डीसी आने वाले लोगों के ली ये आकर्षण का केंद्र रहा है. बता दें कि शुक्रवार को व्हाइट हाउस के पास प्रदर्शन कर रही भीड़ ने एक कूड़ेदान में आग लगा दी और पुलिस से धक्कामुक्की भी की थी. जिसके बाद मामला इतना बिगड़ गया कि सुरक्षा में तैनात सीक्रेट सर्विस एजेंट्स राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वाइट हाउस में बने सुरक्षात्मक बंकर में लेकर चले गए. न्यूयॉर्क टाइम्स प्रदर्शनकारियों के पीछे हटाने में सीक्रेट सर्विस और यूनाइटेड स्टेट्स पार्क पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अलग-अलग शहरों में जारी हिंसा के लिए देश के वामपंथ से जुड़े लोगों को जिम्मेदार ठहराया है. ट्रंप ने कहा कि दंगाई निर्दोष लोगों को डरा रहे हैं, नौकरियों को नष्ट कर रहे हैं, बिजनेस को नुकसान पहुंचा रहे हैं और बिल्डिंग्स को जला रहे हैं. ट्रंप ने कहा कि जॉर्ज फ्लॉयड की याद को दंगाइयों, लुटेरों और अराजकतावादियों ने बदनाम किया है. ट्रंप ने एक ट्वीट में कहा कि नेशनल गार्ड को मिनियापोलिस में हालात को काबू में करने के लिए उतार दिया गया है जो डेमोक्रेटिक पार्टी के मेयर नहीं कर सके. इनका दो दिन पहले ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया है कि आंदोलन को Antifa (anti-fascists People) के लोगों ने हाइजैक कर लिया गया है और अब उन्होंने ऐसे लोगों को आतंकवादी घोषित करने का फैसला किया है. ट्रंप ने ट्वीट करके कहा है कि अमेरिका Antifa को आतंकवादी संगठन करार देगा. बता दें कि अमेरिका में फासीवाद के विरोधी लोगों को Antifa कहते हैं. अमेरिका में Antifa आंदोलन उग्रवादी, वामपंथी और फासीवादी विरोधी आंदोलन के लिए इस्तेमाल किया जाता है. ये लोग नव-नाजी, नव-फासीवाद, श्वेत सुपीरियॉरिटी और रंगभेद के खिलाफ होते हैं और सरकार के विरोध में खड़े रहते हैं.