एलएसी पर चीन का खतरा: भारत ने अब तक उठाये ये कदम, आज होगी अहम समीक्षा बैठक

भारत के साथ सीमा विवाद को लेकर चल रहे गतिरोध के बीच चीन ने मंगलवार को बड़ा कदम उठाया है. चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ने देश के सशस्‍त्र बलों को सैनिकों की ट्रेनिंग मजबूत करने का आदेश दिया है. इसके साथ ही जिनपिंग ने कोरोनो वायरस महामारी के चीन की राष्‍ट्रीय सुरक्षा पर पड़ रहे सीधे प्रभाव से निपटने को तैयार रहने को कहा है.

एक रिपोर्ट के मुताबिक चीनी राष्ट्रपति ने यह भी कहा है, “देश के सैनिकों की ट्रेनिंग मजबूत करना और युद्ध के लिए तैयार होना, राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा करना और देश की समग्र सामरिक स्थिरता की रक्षा करना महत्वपूर्ण है.” उनकी इस बात को भारत के साथ बढ़ती तनातनी के बीच युद्ध की संभावना से जोड़कर देखा जा रहा है.

ऐसे में भारत भी चीनी खतरे के सामने अपने सुरक्षा प्रबंधों को लेकर तैयार हो लेना चाहता है. यही वजह है कि सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी ने चीन के साथ चल रही तनातनी पर एक उच्चस्तरीय मीटिंग की. इस मीटिंग में तीनों सेनाओं के प्रमुख, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत शामिल हुए.

इससे पहले पीएम मोदी की विदेश सचिव स्तर के अधिकारियों के साथ एक अन्य बैठक का इसी मुद्दे पर हुई. सूत्रों ने जानकारी दी की पीएम मोदी से हुई बैठक से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेनाओं के प्रमुखों से बात की थी और उन्हें ब्रीफ किया था.

चीनी सैनिकों की भारतीय सैनिकों के साथ लद्दाख और सिक्किम में हुई झड़पों के बाद से कई स्तर पर ऐसी बैठकें की जा रही हैं. सैटेलाइट तस्वीरों में देखा गया है कि चीन ने लद्दाख के पास अपना एयरबेस बड़ा कर लिया है. तस्वीरों में वहां खड़े फाइटर जेट भी देखे गये. इसके अलावा चीन ने भारत में फंसे अपने यात्रियों को वापस बुलाने के लिए भी भारत के दूतावास को सूचित किया है.

चीन के साथ सीमा विवाद के बारे में अमेरिका ने कहा, “चाहे वह लद्दाख हो, सिक्किम हो या दक्षिण चीन सागर- यह इस एशियाई देश के पैदा किये खतरे का ध्यान दिलाते हैं. चीन की ओर से भड़काने का प्रयास और परेशान करने वाला व्यवहार इस पर सवाल खड़े करता है कि कैसे चीन अपनी बढ़ती हुई शक्ति का इस्तेमाल करना चाहता है.”

भारतीय सेना के शीर्ष सैन्य कमांडर बुधवार से शुरू हो रहे तीन दिवसीय सम्मलेन के दौरान पूर्वी लद्दाख के कुछ इलाकों में भारत और चीनी सैनिकों के बीच तनावपूर्ण गतिरोध की गहन समीक्षा करेंगे. सूत्रों ने कहा कि कमांडर जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर भी चर्चा करेंगे. इसके साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर भी इस दौरान चर्चा की जाएगी.

अभी तक भारत भी चीन को करारा जवाब दे रहा है. भारत ने भी लद्दाख में वास्‍तविक नियंत्रण रेखा पर सैनिकों की संख्‍या बढ़ा दी है. साथ ही निगरानी और गश्‍त भी कड़ी कर दी है.

वहीं पूर्वी लद्दाख में मौजूदा स्थिति को टालने के लिए उच्च स्तरीय भारतीय और चीनी सैन्य कमांडरों ने 22 मई और 23 मई को एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) के साथ निर्दिष्ट बिंदुओं पर मुलाकात की. सूत्रों ने एएनआई से पुष्टि की है कि नई दिल्ली और
और बीजिंग में समानांतर राजनयिक चैनल भी शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में काम कर रहे हैं.