फ्लाइट से उत्तराखंड आने पर भी संस्थागत क्वारंटीन जरूरी, यहां रजिस्ट्रेशन कराना होगा अनिवार्य

लॉकडाउन 4.0 में सोमवार से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के लिए भी घरेलू उड़ाने शुरू हो जाएंगी. उत्तराखंड आने वाले सभी लोगों को 10 दिन संस्थागत क्वारंटीन होना होगा. होटल में क्वारंटीन होने पर अपना खर्चा खुद देना होगा.

यात्रियों के पास विकल्प होगा कि वे अपनी सुविधा के अनुसार स्वयं खर्च पर होटल का चयन करेंगे या फिर उन्हें राज्य सरकार के अनुसार संस्थागत क्वारंटीन होना पड़ेगा.

उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने उड्डयन मंत्रालय और केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के क्रम में मानक प्रचालन विधि (एसओपी) जारी कर दी है.

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि होटल की एक सूची एयरपोर्ट में स्थापित हेल्प डेस्क पर उपलब्ध रहेगी. यात्री अपनी पसंद से क्वारंटीन सेंटर का चयन कर सकेंगे. इसकी दरें राज्य सरकार व जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित की गई हैं.

यात्रियों के पास विकल्प होगा कि वे अपने खर्च पर होटल का चुनेंगे या फिर राज्य सरकार के अनुसार संस्थागत क्वारंटीन होंगे. एसओपी के मुताबिक, अंतरराज्यीय उड़ानों से आवागमन करने के लिए उत्तराखंड सरकार की वेबसाइट (http://dsclservices.in/uttarakhand-migrant-registration.php) पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है.

उन्हें कोविड 19 के तहत केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों को कड़ाई से पालन करना होगा. एयरपोर्ट पर एक हेल्थ डेस्क होगी जहां सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी. नोडल अफसर बनाए, रमन और गुंज्याल को कमान.घरेलू उड़ानों से यात्रियों की आवागमन को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए नोडल अफसरों की तैनाती की गई है.

गढ़वाल आयुक्त डॉ.रविनाथ रमन और आईजी एसडीआरएफ संजय गुंज्याल को स्टेट नोडल अफसर बनाया गया है. ये दोनों अफसर राज्यों के मध्य प्रभावी समन्यव स्थापित करेंगे. जिलाधिकारी को जिला नोडल अधिकारी बनाया गया है. हवाई उड़ानों से आने वाले यात्रियों के आवागमन पर निगाह रखने के लिए एसडीएम और डिप्टी एसपी को एडिशनल नोडल अफसर नियुक्त किया गया है.

जिला प्रशासन की ओर से एयरपोर्ट पर भी लाइजिंग अफसर तैनात होगा. एक अन्य लाइजन अफसर पुलिस का है. उनके सहयोग से यात्रियों की मदद के लिए एयरपोर्ट पर एक हेल्प डेस्क बनाई जाएगी. हवाई यात्रा से आने व जाने वाले यात्रियों की सहज आवागमन के लिए लाइजन अफसर एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ समन्वय करेंगे.

एयरपोर्ट अथॉरिटी के सहयोग से लाइजन अफसर हवाई यात्रा से आने व जाने वाले यात्रियों की सूची तैयार करेंगे, जिसमें उनके आने की तारीख व पहुंचने का समय, पता और मोबाइल नंबर दर्ज होगा.

ये सूचना जिला नोडल अफसर और सेटेलाइज कंट्रोल रूम से साझा करनी होगी. लाइजन अफसर सुनिश्चित करेंगे कि जिला प्रशासन द्वारा चिह्नित वाहनों से यात्रियों को क्वारंटीन सेंटर तक भेजा जाएगा. क्वारंटीन सेंटरों में सामाजिक दूरी और सुरक्षा के सभी मानकों का पालन करना होगा.