बड़ी खबर: आर्थिक संकट में उत्तराखंड के ऑटो-रिक्शा चालक, सरकार से 5000 ₹ की वित्तीय सहायता की मांग

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में ऑटो-रिक्शा चालकों को भीषण वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है. लॉकडाउन के दौरान सेवाएं फिर से शुरू हो गई हैं लेकिन अभी भी लोग घरों में रहना पसंद कर रहे हैं. वे कहते हैं, ‘लोग घर के अंदर रहना जारी रख रहे हैं. हम अपनी आर्थिक समस्या को दूर करने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं. राज्य सरकार हमें 5000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करे’.

देहरादून के एक ऑटो चालक ने कहा, ‘दो दिन हो गए हैं बोनी नहीं हुई है. कोई सवारी नहीं है, कोई काम ही नहीं है. अब दिहाड़ी तो छोड़ो खाने के लाले पड़े हैं. सरकार कह रही है सुविधा दी है पर हमें कोई सुविधा नहीं मिली है. ढाई महीने बाद घर से निकले हैं पर जेब में ढाई रुपए नहीं है.’

पूर्व ऑटो यूनियन अध्यक्ष ने बताया कि देहरादून में 2392 ऑटो रिक्शा हैं. रोजाना ऑटो चालकों को 11-12 लाख रुपए का नुकसान हो रहा है क्योंकि हर चालक 500-600रुपए रोज कमाता है. हमने उत्तराखंड सरकार से दिल्ली की तरह हर ऑटो वाले को 5000 रुपए महीना देने की मांग की है क्योंकि1000 रुपए से कुछ नहीं हे पाएगा.