बड़ी खबर: उत्तराखंड में मिले 71 और कोरोना पॉजिटिव,नैनीताल से 55 मामले- आंकड़ा बढ़कर 244 हुआ

उत्तराखंड में शनिवार को एक ही दिन में 91 कोरोना मरीज सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. अब राज्य में कुल मरीजों की संख्या 244 हो गई है. वहीं अब राज्य कोई भी जिला कोरोना संक्रमण से अछूता नहीं रह गया है.

स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक देहरादून से 8 कोरोनावायरस संक्रमित मामले सामने आए हैं. इसके अलावा हरिद्वार से एक, उधम सिंह नगर से तीन, रुद्रप्रयाग से तीन ,पौड़ी गढ़वाल से दो ,और नैनीताल जिले से सबसे ज्यादा 55 मामले सामने आए हैं. ग्रीन जोन रुद्रप्रयाग में तीन मरीज कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए हैं.

इसके साथ ही पूरे के पूरे उत्तराखंड के हर जिले में कोरोना वायरस संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं. रुद्रप्रयाग जिला ही एकमात्र जिला बचा हुआ था जहां कोरोना वायरस संक्रमण का कोई भी मामला सामने नहीं आया था. लेकिन अब रुद्रप्रयाग में कोरोनावायरस संक्रमण के 3 मामले सामने आ गए हैं. इसके साथ ही उत्तराखंड में कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 244 हो गया है.

अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि प्रदेश में 91 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं. वहीं आज एम्स ऋषिकेश में हुई एक कोरोना मरीज की मौत के बारे में स्वास्थ्य विभाग ने साफ कर दिया है कि उसकी मौत कोरोना से नहीं हुई है. उक्त मरीज की मौत एसोफैगस कैंसर से हुई है.

यह पहली बार है जब राज्य में एक साथ 91 केस सामने आए हैं. इन मामलों के आने के बाद अब राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 244 हो गई है. शुक्रवार को राज्य में सात संक्रमित सामने आए थे. जिनमें तीन देहरादून और दो-दो हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर जिले में मिले थे.

रुड़की के आदर्श नगर निवासी 54 वर्षीय व्यक्ति में आज कोरोना की पुष्टि हुई है. ये मुंबई से हरिद्वार में आए थे. इनका सैम्पल नारसन बॉर्डर से लिया गया था. हरिद्वार जनपद में अब एक्टिव केस छह हो गए हैं. ये सभी रुड़की क्षेत्र से आए हैं. सभी प्रवासी हैं. इससे पहले सात मामले आए थे जो कि सभी ठीक हो चुके थे. लेकिन नए मामले आने से लोगों की चिंता बढ़ने लगी है.
टनकपुर, बनबसा में सात प्रवासी मिले कोरोना पॉजिटिव
कोरोना संक्रमण से अब तक सुरक्षित चंपावत जिले में सात कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए हैं. पॉजिटिव मिले चार युवक मुबंई से 21 मई को आए हैं, जिन्हें पर्यटक आवास गृह टनकपुर में क्वारंटीन किया गया था. जबकि तीन अन्य युवक नोएडा और गुरूग्राम से पहले ही आ गए थे, जिन्हें उन्हीं के क्षेत्र के क्वारंटीन सेंटरों में रखा गया था. 

एसीएमओ डॉ. एचएस हयांकी ने बताया कि मुंबई से लौटे चारों युवक चंपावत व लोहाघाट के रहने वाले हैं. जो रोडवेज की दो बसों से 21 मई को आए थे, उन बसों में 74 लोग सवार थे. जिसमें 10 चंपावत के, 47 पिथौरागढ़ के, एक सितारगंज का, 10 रूद्रपुर के और छह बसों के चालक-परिचालक शामिल थे. जिनकी सूचना संबंधित क्षेत्र के प्रशासन को दे दी गई है.

इसके अलावा तीन अन्य संक्रमित युवक बनबसा के रहने वाले हैं, जो करीब पांच दिन पूर्व आए हैं. इनमें एक युवक नोएडा और दो गुरूग्राम से आए हैं. जिन्हें बनबसा में उन्हीं के क्षेत्र के क्वारंटीन सेंटरों में रखा गया है.

एसीएमओ डॉ. हयांकी ने बताया कि सभी संक्रमितों को अब टनकपुर व बनबसा से उपचार के लिए एसटीएच हल्द्वानी भेजा जा रहा है. इन सभी संक्रमितों की उम्र 22 से 47 साल के बीच है.