मोदी सरकार के 6 साल पूरे, जानें क्या हैं केंद्र सरकार की 6 बड़ी उपलब्धियां

देश की सत्ता पर पहली बार नरेंद्र मोदी 16 मई 2014 को काबिज हुए थे और 30 मई 2019 को दूसरी बार प्रधानमंत्री की ताजपोशी हुई. इस तरह से मोदी सरकार 2.0 की पहली सालगिरह आने वाली है और केंद्र में छह साल पूरे हो रहे हैं.

नरेंद्र मोदी ने अपने छह साल के कार्यकाल में जता दिया है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति वाली सरकार अपने फैसलों से कैसे राजनीति की दशा-दिशा बदल सकती है. नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों पर गौर करें तो देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में भारत का सम्मान बढ़ा है.

1. सर्जिकल स्ट्राइक/एयर स्ट्राइक

नरेंद्र मोदी सरकार और सेना ने जबरदस्त पराक्रम का प्रदर्शन कर ये दिखा दिया कि भारत की रक्षा शक्ति दुनिया के किसी विकसित देश से कम नहीं है. इसके साथ ही ये भी संदेश दिया कि कड़े फैसले हम भी कर सकते हैं. सर्जिकल और एयर स्ट्राइक के जरिए ये बता दिया कि भारत पारंपरिक लड़ाई के साथ साथ माडर्न लड़ाई में दुनिया की पेशेवर सेनाओं में से एक है.
उरी आंतकी हमले के बाद 28 सितंबर 2016 को दुनिया का आधा हिस्सा सोया रहा था और भारतीय सेना की स्पेशल फोर्स पाकिस्तान के नापाक मंसूबों का मुंहतोड़ जवाब दे रही थी. भारतीय कमांडोज पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के लॉन्च पैड्स पर हमला कर उन्हें तबाह कर दिया था. इसके बाद पुलवामा में आतंकी हमला हुआ तो भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को बालाकोट एयर स्ट्राइक से पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया. भारतीय जवानों ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर आतंकियों के ठिकानों को तबाह कर दिया था.


2. मोदी सरकार की जनकल्याण योजनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 अगस्त 2014 को देश की जनता को बैंकिंग से जोड़ने के लिए जन-धन योजना की घोषणा की थी. इस योजना के तहत 31.31 करोड़ लोगों के खाते खोले गए. देश में बैंकों ने कैंप लगाकर वंचित लोगों के खाते खोलकर उन्हें बैंकिंग सुविधा से जोड़ने का काम किया था. देश के गरीब भी गैस चूल्हे पर खाना बना सकें, इस मकसद से मोदी सरकार ने उज्ज्वला योजना का आगाज किया था. इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब परिवारों को मुफ्त में गैस दिया गया. सरकारी आंकड़ों के अनुसार 3 करोड़ परिवार को इस योजना के तहत गैस सिलेंडर दिए गए.


मोदी सरकार ने हर घर को बिजली पहुंचाने के लिए 2017 में सौभाग्य योजना की शुरुआत की थी. इस योजना के तहत हर घर तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया और सरकार का दावा है कि वह हर घर तक बिजली पहुंचाने में सफल रही है. मोदी सरकार के केंद्रीय शहरी एवं आवास मंत्रालय 2018 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक करोड़ घरों के निर्माण लक्ष्य रखा, जिसे 2022 में पूरा किया जाना है. मोदी सरकार की इस योजना का लाभ भी काफी लोगों को मिला. देश के हर शख्स को बेहतर इलाज के लिए मोदी सरकार ने आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत गरीब परिवार के हर सदस्य को सरकारी या निजी अस्पताल में सालाना पांच लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त हो सकता है.

3. जीएसटी और सवर्ण आरक्षण

भारत में नया गुड्स ऐंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) और सवर्ण आरक्षण का मामला लंबे समय से अटका हुआ था. मोदी सरकार ने सत्ता में आने के तीन साल बाद संसद से जीएसटी को पास कराया और यह देश में एक जुलाई 2017 से लागू हो गया. देश में कर सुधार की दिशा में यह सबसे बड़ा कदम था. जीएसटी लागू करने का मकसद एक देश- एक कर (वन नेशन, वन टैक्स) प्रणाली है. जीएसटी लागू होने के बाद उत्पाद की कीमत हर राज्य में एक ही हो गई है और राज्यों को उनके हिस्सा का टैक्स केंद्र सरकार देती है.
सवर्ण आरक्षण की मांग देश में लंबे समय से हो रही थी, लेकिन किसी भी सरकार ने हाथ नहीं डाला. मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल के आखिरी समय 2019 के जनवरी में सवर्ण समुदाय को आर्थिक आधार पर 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया. इस सवर्ण आरक्षण विधेयक को दोनों सदनों से पास कराकर कानूनी अमलीजामा पहना दिया. इसके जरिए सवर्ण समुदाय के लोग सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण का लाभ उठा रहे हैं.

4. अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाया

मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में सबसे एतिहासिक फैसला जम्मू-कश्मीर को लेकर लिया जो जनसंघ के जमाने से उसकी प्राथमिकता रहा है. जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाने का कदम उठाने के साथ-साथ राज्य को दो हिस्सों में बांटने का काम भी इसी कार्यकाल में हुआ. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 को निष्प्रभावी करने का प्रस्ताव मंजूर किया और जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो केंद्र शासित प्रदेश में बांट दिया गया. मोदी सरकार के इस फैसले के बाद कश्मीर में एक देश, एक विधान और एक निशान लागू हो गया है.

5. अल्पसंख्यकों से संबंधित फैसले

नरेंद्र मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े कई अहम फैसले लिए हैं. मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में मुसलमानों को हज यात्रा के लिए दी जाने वाली सब्सिडी खत्म करने का फैसला 2018 में किया. सब्सिडी हटाने के निर्णय से केंद्र सरकार को 700 करोड़ रुपये की बचत हर साल होगी. ऐसे ही सरकार ने 45 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं को बिना पुरुष अभिभावक के हज करने की इजाजत दी थी.

मोदी सरकार ने दूसरी बार सत्ता में आते ही सबसे पहले मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से निजात दिलाने का कदम उठाया. मोदी सरकार ने तीन तलाक पर पाबंदी के लिए ‘मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2019’ को लोकसभा और राज्यसभा से पारित कराया. एक अगस्त 2019 से तीन तलाक देना कानूनी तौर पर जुर्म बन गया है.

मोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून को 10 जनवरी 2020 को अमलीजामा पहनाया. इस कानून से पाकिस्तान, अफगानिस्तान और अन्य देशों में रह रहे हिंदू, सिख, बौद्ध, पारसी और यहूदी को भारतीय नागरिकता मिल सकती है. इस कानून में किए गए बदलाव को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें कई लोगों की जानें भी गई. मुस्लिम महिलाओं ने इस कानून के खिलाफ सड़क पर उतरकर आंदोलन किया. इसके बावजूद सरकार ने अपने कदम नहीं खींचे.

6. भारत की अंतरराष्ट्रीय पहचान

केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के आने बाद दुनिया के तमाम देशों के साथ भारत के संबंध प्रगाढ़ हुए हैं और देश का सिर सम्मान से ऊंचा उठा और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में 50 से ज्यादा देशों का दौरा किया और दूसरे कार्यकाल में भी पीएम मोदी ने करीब 10 देशों का दौरा किया है. पीएम मोदी ने अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ ह्यूस्टन में ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में करीब 50 हजार लोगों को संबोधित किया. ऐसे ही इस साल फरवरी में अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी के न्यौते पर गुजरात के अहमदाबाद में ‘नमस्ते ट्रंप’ में शामिल हुए और करीब 1 लाख लोगों को संबोधित किया.

सऊदी अरब से लेकर यूएई सहित तमाम इस्लामिक देशों ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित भी किया है. इसके अलावा इस्लामिक देशों के साथ भारत के संबंध भी मजबूत हुए हैं, जिसका नतीजा है कि कश्मीर मसले पर दुनिया भर के देशों ने भारत का साथ दिया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिवर्ष 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाने की स्वीकृति दी. इसके दुनिया भर में भारत का सम्मान बढ़ा है