बड़ी खबर: पीएम मोदी ने बंगाल के लिए दिया 1000 करोड़ का पैकेज, ममता बोलीं-कुछ भी स्पष्ट नहीं

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि चक्रवात अम्फान से राज्य को करीब एक लाख करोड़ रुपए का भारी नुकसान पहुंचा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पैकेज के बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं है. क्या ये एडवांस पैकेज है या ओवरऑल, कुछ भी पता नहीं है. मैंने पीएम से कहा है कि आप जो भी घोषणा करें उसकी डीटेल दे दें.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम ने कहा कि वह इस बारे में बाद में फैसला करेंगे. उन्होंने कहा कि यह अग्रिम भी हो सकता है. ममता ने कहा, ‘मैंने प्रधानमंत्री जी से कहा कि जो आर्थिक राहत देनी है आप उस पर फैसला कीजिए, हम आपको सभी विवरण उपलब्ध कराएंगे.’

बता दें कि चक्रवात अम्फान से राज्य को पहुंचे नुकसान का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री शुक्रवार सुबह पश्चिम बंगाल पहुंचे. यह हवाईअड्डे पर पीएम की अगवानी मुख्यमंत्री ममता ने किया. इसके बाद दोनों नेता हेलिकॉप्टर में सवार होकर तूफान से प्रभावित इलाकों का एरियल सर्वे किया. इलाकों का जायजा लेने के बाद पीएम मोदी बशीरहाट में राज्यपाल जगदीप धनखड़, मुख्यमंत्री और राज्य के अधिकारियों के साथ एक बैठक की और राज्य को हुए नुकसान के बारे में जानकारी प्राप्त की.

इस बैठक के बाद पीएम ने कहा, ‘चक्रवाती तूफान से राज्य को भारी क्षति पहुंची है. संकट की इस घड़ी में केंद्र राज्य सरकार के साथ कंधा से कंधा मिलाकर खड़ा है. हम बंगाल को फिर से खड़ा करने में अपना पूरा सहयोग करेंगे. साथ ही इस आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति मैं अपनी संवेदना प्रकट करता हूं.’ पीएम ने इस मौके पर पीड़ित परिजनों के लिए दो लाख रुपए और घायलों के लिए 50 हजार रुपए के मुआवजे की घोषणा की. प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में केंद्र से एक टीम राज्य का दौरा करेगी और वह पुनर्वास एवं पुनर्निमाण के सभी पहलुओं को देखेगी.

चक्रवाती तूफान की चपेट में आने से राज्य में करीब 80 लोगों की जान गई है. विध्वंस का पता इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य में 44 लाख से ज्यादा लोग चक्रवात से प्रभावित हुए हैं। तूफान के कराण करीब 1000 मोबाइल टॉवर क्षतिग्रस्त हुए हैं और बिजली के खंभे जमीन से उखड़ गए हैं. राज्य के कई इलाकों में बुधवार शाम से बिजली की आपूर्ति बाधित है. चक्रवात से सबसे ज्यादा नुकसान नॉर्थ एवं साउथ दक्षिण परगने को हुआ है.