आरबीआई के इस फैसले से आम आदमी को लग सकता है बड़ा झटका…

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कोरोना वायरस के इस संकट की घड़ी में फिर से रेपो रेट ब्याज दरों में 0.40 फीसदी की कटौती का ऐलान किया है. इन फैसलों से छोटी कंपनियों और बैंकों को तो फायदा मिलेगा. लेकिन एफडी कराने वालों पर भी इसका असर होगा. अंग्रेजी के अखबार में छपी खबर के मुताबिक, बैंक लोन की ब्‍याज दरों पर अपने मार्जिन को घटा सकते हैं. इसका मतलब साफ है कि कर्ज़ की दरों में भी कमी आ सकती है. साथ ही, एफडी कराने वाले निवेशकों का भी मुनाफा भी घट सकता है.

आइए जानें इससे जुड़े सभी बातें
-आपकी एफडी के मुनाफे पर होगा असर- एक्सपर्ट्स कहते हैं कि आरबीआई के इन कदमों से बैंक डिपॉजिट की दरों पर ब्याज दरें घटा सकते हैं. अर्थव्‍यवस्‍था में अतिरिक्‍त लिक्विडिटी से ब्‍याज दरों पर दबाव बन सकता है. फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट पर ब्‍याज दर 0.25 से 0.50 फीसदी तक घट सकती हैं.

आपको बता दें कि इससे पहले जब आरबीआई ने ब्याज दरों में 0.75 फीसदी की कटौती की थी तब से अब तक एसबी आई समेत कई बड़े बैंक एफडी पर ब्याज दरें घटा चुके हैं. 12 मई को एसबीआई ने ​3 साल की अवधि वाली एफडी पर ब्याज दरें 0.20 फीसदी तक घटाई. हालांकि बैंक ने 3 साल से 10 साल की अवधि की एफडी की ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया था. बैंक ने बयान जारी कर कहा कि सिस्टम और बैंक लिक्विडिटी को ध्यान में रखते हुए हम 3 साल की अविध तक के रिटेल टर्म डिपॉजिट्स रेट में यह कटौती कर रहें हैं.

अब क्या करें निवेशक- निवेश के विकल्‍पों के बारे में सोचने से पहले निवेशकों को अपनी जोखिम लेने की क्षमता के बारे में देख लेना चाहिए. जब ब्‍याज दरों में गिरावट हो तो रिटर्न की बजाय निवेशकों को अपनी पूंजी की सुरक्षा के बारे में सोचना चाहिए.