चारधाम देवस्थानम बोर्ड की पहली बैठक ऐतिहासिक रही: सीएम रावत

शुक्रवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड की पहली बैठक आयोजित की गई. मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि विश्वभर में उत्तराखण्ड आध्यात्म का केन्द्र है. उत्तराखण्ड के मन्दिरों की प्राचीन शैली इसकी विशिष्टता है. इसको बनाये रखने के लिए यह सुनिश्चित किया जाय कि मन्दिरों का प्राचीन स्वरूप बना रहे. जो लोग मन्दिरों के ऑनलाइन दर्शन करना चाहते हैं, उन्हें गर्भगृह को छोङकर बाकी मन्दिर परिसर के ऑनलाइन दर्शन एवं ऑडियो के माध्यम से पूजा-अर्चना करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए. साथ ही इसमें धार्मिक मान्यताओं का भी पूरा ध्यान रखा जाय. उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थाम प्रबन्धन बोर्ड में सबके हक-हकूकों का ध्यान रखा जायेगा. बैठक में मन्दिरों एवं उनसे जुड़ी प्रमुख पाण्डुलिपियों एवं अन्य ऐतिहासिक महत्व के सामग्री संग्रहण के लिए संग्रहालय बनाने की बैठक में चर्चा की गई है.

सीएम रावत ने कहा कि चारधाम देवस्थानम बोर्ड की पहली बैठक ऐतिहासिक रही. उन्होंने कहा कि पहली बैठक में बोर्ड ने विचार किया कि कोविड-19 के कारण जो परिथितियां उत्पन्न हुई है. चारधाम यात्रा को सुचारू करने पर विचार किया गया कि कैसे हम इस यात्रा को सुचारू कर सकते है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड के लिए 10 करोड़ रूपये का प्रविधान किया गया है.

सीएम ने कहा कि कई मंदिर समितियों ने देवस्थानम बोर्ड से जुड़ने की इच्छा जाहिर की है. इसलिए यह भी निर्णय लिया गया कि कुछ और मंदिरों को भी भविष्य में इसमें जोड़ा जा सकता है.

सीएम त्रिवेन्द्र ने कहा कि जो हमारा पुरोहित समाज है उनके बारे में विचार किया गया. हक-हबूकधारियों के बारे में निर्णय लिया गया. उनकी अगर कोई समस्या है.तमाम हक-हबूकधारियों की बात सुनीं जा सकें. इसके लिए ट्रिब्यून का गठन किया जायेगा.

आज बैठक में जो हमारी पांडुलिपियां और मूर्तियां है. उन्हें एक संग्राहलय में रखा जायेगा. ताकि कोई उनके बारे में लिखना चाहे या अध्ययन करना चाहे तो वह आसानी से कर सकता है. आज की बैठक को सीएम ने ऐतिहासिक बैठक करार दिया.

शुक्रवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि चारधाम देवस्थानम बोर्ड की पहली बैठक ऐतिहासिक रही. उन्होंने कहा कि पहली बैठक में बोर्ड ने विचार किया कि कोविड-19 के कारण जो परिथितियां उत्पन्न हुई है. चारधाम यात्रा को सुचारू करने पर विचार किया गया कि कैसे हम इस यात्रा को सुचारू कर सकते है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड के लिए 10 करोड़ रूपये का प्रविधान किया गया है.

सीएम ने कहा कि कई मंदिर समितियों ने देवस्थानम बोर्ड से जुड़ने की इच्छा जाहिर की है. इसलिए यह भी निर्णय लिया गया कि कुछ और मंदिरों को भी भविष्य में इसमें जोड़ा जा सकता है.

सीएम त्रिवेन्द्र ने कहा कि जो हमारा पुरोहित समाज है उनके बारे में विचार किया गया. हक-हबूकधारियों के बारे में निर्णय लिया गया.उनकी अगर कोई समस्या है.तमाम हक-हबूकधारियों की बात सुनीं जा सकें.इसके लिए ट्रिब्यून का गठन किया जायेगा.

आज बैठक में जो हमारी पांडुलिपियां और मूर्तियां है. उन्हें एक संग्राहलय में रखा जायेगा. ताकि कोई उनके बारे में लिखना चाहे या अध्ययन करना चाहे तो वह आसानी से कर सकता है. आज की बैठक को सीएम ने ऐतिहासिक बैठक करार दिया.