विश्व के सबसे ऊंचे शिव मंदिर तुंगनाथ धाम के कपाट खुले, सोशल डिस्टेंसिंग का भी किया गया पालन

तृतीय केदार बाबा तुंगनाथ के कपाट बुधवार सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए गए. इसके साथ ही हिमालय में स्थित सभी पंचकेदारों के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खुल गए हैं.

इसके साथ ही धाम में अराध्य की ग्रीष्मकालीन पूजा-अर्चना शुरू हो गई। वहीं, तुंगनाथ मंदिर में भगवान तुंगनाथ का पहला रुद्राभिषेक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न कराया गया

पंचकेदारों में से केदारनाथ धाम, मद्महेश्वर, रुद्रनाथ के कपाट पहले ही खुल चुके हैं. और पंच केदारों में कल्पेश्वर एकमात्र ऐसा मंदिर है जिसके कपाट वर्ष खुले रहते हैं और यहां भक्त भगवान के दर्शन कर सकते हैं. 3460 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बाबा तुंगनाथ का मंदिर विश्व में सबसे ऊंचाई पर स्थित भगवान शिव का मंदिर है.

तुंगनाथ का मंदिर 1000 साल पुराना माना जाता है. बुधवार सुबह आठ बजे भगवान की डोली समुद्रतल से 11349 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ धाम पहुंची. कर्क लग्न में दोपहर 11 बजकर 30 मिनट पर मंदिर के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए गए.

लॉकडाउन के कारण सीमित लोगो और सोशल डिस्टेंन्स के साथ बाबा तुंगनाथ की डोली चोपता से अपने धाम तुंगनाथ के लिए निकली. तुंगनाथ के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड के पंचकेदार के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खुल गए हैं.