अमेरिकी दवा कंपनी फाइज़र का दावा, अक्टूबर तक आ जाएगी कोरोना की वैक्सीन

वॉशिंगटन|….. कोरोना महामारी के संकट से पूरी दुनिया जूझ रही है. दुनिया के तमाम देश कोरोना की वैक्सीन तैयार करने में कड़ी मेहनत कर रहे हैं. अमेरिकी फार्मास्यूटिकल कंपनी फाइज़र भी कोरोना वैक्सीन बनाने में जुटी हुई है. फाइज़र कंपनी ने कोरोना वैक्सीन के इंसानों पर क्लीनिकल ट्रायल का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है. सितंबर में हज़ारों लोगों पर वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल किया जाएगा.

सीएनबीसी से बातचीत में फाइज़र के सीईओ और चेयरमैन अलबर्ट बॉर्ला का कहना है कि अगर सबकुछ उम्मीदों के मुताबिक होता है तो अक्टूबर तक वैक्सीन की लाखों खुराक की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी. BNT162 नाम के वैक्सीन की पहली डोज़ का इंसानों पर क्लीनिकल ट्रायल 5 मार्च को जर्मनी में किया गया था. फाइज़र ने इस दौरान 360 लोगों पर ट्रायल की योजना बनाई थी.

फाइज़र कंपनी सितंबर महीने में हज़ारों लोगों पर क्लीनिकल ट्रायल करेगी जिससे उसके पास व्यापक रिसर्च का आधार तैयार हो सकेगा. जिसके नतीजों को परखने के बाद कंपनी अक्टूबर महीने में लाखों खुराक तैयार कर सकेगी और 2021 तक ये संख्या करोड़ों में पहुंच जाएगी.

दुनिया की बहुत सारी दवा कंपनियों के बीच वैक्सीन बनाने को लेकर होड़ मची हुई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुनिया में इस वक्त 120 वैक्सीन पर काम चल रहा है. वहीं अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक एक से डेढ़ साल में कोरोना की वैक्सीन तैयार हो जाएगी. अमेरिका में संक्रामक रोग के शीर्ष डॉक्टर एंथनी फॉसी का मानना है कि एक से डेढ़ साल में प्रभावकारी वैक्सीन का निर्माण हो जाएगा.

हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि सरकार कोविड 19 का वैक्सीन तैयार करने की दिशा में बहुत तेजी से काम कर रही है और लगातार सकारात्मक नतीजे मिल रहे हैं. उन्होंने कहा कि साल के आखिर या उससे पहले ही कोरोना के वैक्सीन के तैयार होने की उम्मीद है. ट्रंप ने ये भी कहा कि वैक्सीन बनने के बाद इसे जनता को निशुल्क मुहैया कराने पर विचार किया जाएगा.


वर्तमान में फाइज़र कंपनी 4 अलग-अलग किस्म की वैक्सीन पर काम कर रही है. फाइज़र को उम्मीद है कि जून या जुलाई तक ये साफ हो जाएगा कि कौन सी वैक्सीन सबसे ज्यादा सुरक्षित और कारगर है. इसके लिए कंपनी लगातार डेटा इकट्ठा कर उसका विश्लेषण कर रही है.