शराब पर फिर फंसी उत्तराखंड सरकार, हाईकोर्ट ने दिए ये आदेश

लॉकडाउन में शराब कारोबारियों को हो रहे नुकसान व शराब की दुकान की लाइसेंट फीस कम करने के मामले पर नैनीताल हाईकोर्ट ने निर्देश जारी किया है. हाईकोर्ट की एकलपीठ ने पूरे मामले पर सुनवाई कर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर 4 हफ्तों में निर्णय लेने का आदेश दिया है. कोर्ट ने अपने आदेश में याचिकाकर्ता को आदेश दिया है कि वो आबकारी नीति 2020 के सेक्शन 35 के तहत जिला आबकारी अधिकारी को प्रत्यावेदन देंगे जिसको जिला आबकारी अधिकारी शासन को भेजेंगे. वहीं, सरकार मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर इस पर निर्णय लेगी.

दरअसल, शराब ठेकेदार सौरभ राणा ने याचिका दाखिल कर कहा था कि 19 मार्च को उनको शराब की दुकान आवंटित हुई थी. तब शराब की दुकान खुलने का समय सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक दिया गया था. टेंडर के दौरान उसी समय के हिसाब से दुकानों के टैक्स, साइसेंस फीस आदि निर्धारित किया गया था. याचिका में कहा गया कि लॉकडाउन के कारण अप्रैल महीने में मदिरा की दुकान नहीं खुल सकी.

मई महीने में लॉकडाउन के चलते सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक दुकान को खोलने के निर्देश दिए गए. फिर सुबह 7 से 4 बजे तक कर दिया गया. वहीं, सरकार ने अब शराब के ऊपर कोरोना टैक्स लगाया है. याचिका में कहा गया इस समय और नए नियमों से शराब की ब्रिक्री न होने से उन्हें भारी हानि हो रही है. लिहाजा लाइसेंस फीस व अन्य करों को कम किया जाए.

वहीं, बात यदि दिल्ली की करें तो बीते दिनों यहां पर सरकार ने शराब की बिक्री के लिए ई-टोकन सिस्टम लागू कर दिया. सरकार ने यह सिस्टम शराब की दुकानों पर लग रही भीड़ को देखते हुए लिया है. दरअसल, दिल्ली सरकार ने बीते सोमवार से शराब बेचने की अनुमति दी थी. मंगलवार से शराब के दामों में 70 फीसदी बढ़ोत्तरी कर दी गई. इसके बावजूद शराब की दुकानों पर लोग इकट्ठा हो रहे हैं, लंबी-लंबी लाइनें लगा रहे हैं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे थे.

साभार न्यूज़ 18