हरिद्वार के एक संत समेत कुल छह लोगों को मिली बदरीनाथ धाम जाने की मंजूरी, 15 को खुलेंगे कपाट

बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व हरिद्वार के एक संत समेत कुल छह लोगों को धाम जाने की मंजूरी दी गई है. इस मंजूरी को लेकर फिर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. स्थानीय लोगों का विरोध है कि जब उन्हें मंजूरी नहीं मिल रही, तो बाहर वालों को कैसे मंजूरी दी जा रही है.

हरिद्वार जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से नगर मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षर से एक पत्र आठ मई को जारी किया गया. इस पत्र में 11 मई को बदरीनाथ जाने के लिए एक संत समेत 6 लोगों को अनुमति दी गयी है. ये सभी लोग बदरीनाथ पहुंच भी गए हैं. यात्रा का मकसद बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने के लिए जाना बताया गया है. एसडीएम जोशीमठ अनिल चन्याल का कहना है कि बदरीनाथ में खाक चौक के पौराणिक हनुमान मंदिर के कपाट भी बदरीनाथ मंदिर की तरह खुलते हैं. उसी मंदिर के संत समेत 6 अन्य लोगों को अनुमति दी गयी है.

भगवान बदरी विशाल के मुख्य पुजारी रावल आध्य गुरु शंकराचार्य की गद्दी डोली और तेल कलश के साथ बुधवार को पांडुकेश्वर पहुंचे. गुरुवार को शंकराचार्य की गद्दी डोली, उद्धव जी एवं कुबेर जी की पालकी के साथ रावल, धर्माधिकारी, अपर धर्माधिकारी, सीमित संख्या में हकहकूकधारी बदरीनाथ के लिए प्रस्थान करेंगे. 15 मई को सुबह 4:30 बजे भगवान बदरीनाथ धाम मंदिर के कपाट विधि विधान के साथ खुलेंगे.

भगवान शंकर के तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट 20 मई को खुलेंगे. कपाट कर्क लग्न पर अश्वनि नक्षत्र में साढ़े ग्यारह बजे खुलेंगे. चतुर्थ केदार रुद्रनाथ के कपाट 18 मई को सुबह ब्रह्म मुहुर्त में खुलेंगे.